यमन के हूती हमलों के बीच बड़ा सैन्य फैसला, सऊदी अरब की मदद के लिए पाकिस्तान-तुर्की भेजेंगे सेना
- Post By Admin on Oct 06 2026
रियाद : यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित बलों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण पर भी दिखाई देने लगा है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने अपने बीच हुए रक्षा समझौते को सक्रिय करते हुए सऊदी अरब में सैन्य बल और आवश्यक क्षमताएं तेजी से तैनात करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई है।
यह निर्णय रियाद में तीनों देशों के बीच हुई रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया। संयुक्त बयान के अनुसार, तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा व्यवस्था को व्यवहार में लागू करने तथा तय सैन्य संसाधनों और क्षमताओं की सऊदी अरब में शीघ्र तैनाती सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब यमन के हूती संगठन की ओर से सऊदी अरब को निशाना बनाकर हमले बढ़े हैं। सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों ने भी हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों के खिलाफ सैन्य अभियान तेज किया है। इस संघर्ष ने लंबे समय से जारी यमन संकट को एक बार फिर गंभीर बना दिया है।
अगस्त 2026 में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच आपसी रक्षा सहयोग को लेकर समझौता हुआ था। इसके तहत किसी सदस्य देश पर गंभीर सैन्य हमला होने की स्थिति में अन्य सदस्य देशों की ओर से सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाई गई थी। अब यमन में बढ़ते संघर्ष के बीच इस समझौते को सक्रिय करने का फैसला क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पाकिस्तान और तुर्की की सैन्य मौजूदगी सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ यमन संघर्ष में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। फिलहाल तीनों देशों की ओर से सैन्य तैनाती की विस्तृत संख्या और तैनाती की समयसीमा सार्वजनिक नहीं की गई है।