सैन्य टकराव के बीच न्यूयॉर्क पहुंचेंगे पेजेश्कियान और अराघची, अमेरिका ने UNGA बैठक के लिए दी वीजा मंजूरी

  • Post By Admin on Sep 18 2026
सैन्य टकराव के बीच न्यूयॉर्क पहुंचेंगे पेजेश्कियान और अराघची, अमेरिका ने UNGA बैठक के लिए दी वीजा मंजूरी

वाशिंगटन : ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य टकराव के बीच वाशिंगटन ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची को न्यूयॉर्क आने की अनुमति देने का फैसला किया है। दोनों शीर्ष नेता अगले सप्ताह होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राष्ट्र के मेजबान देश के रूप में अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए यह अनुमति दी गई है।

वीजा मिलने के बावजूद ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका में कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। इस बार ईरान का आधिकारिक दल पहले के मुकाबले काफी सीमित रहेगा, जिसमें राष्ट्रपति, विदेश मंत्री और उनका आवश्यक स्टाफ ही शामिल होगा। अमेरिका ने ईरानी राजनयिकों की आवाजाही को बेहद सीमित कर दिया है, जिसके तहत वे केवल यूएन मुख्यालय, ईरान के मिशन, राजदूत के आवास और जेएफके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दायरे में ही जा सकेंगे। साथ ही, उन्हें विलासिता से जुड़ी और अन्य विशिष्ट वस्तुएं खरीदने की अनुमति नहीं होगी।

यह कूटनीतिक घटनाक्रम ऐसे नाजुक मोड़ पर सामने आया है जब दोनों देश सीधे युद्ध की स्थिति से गुजर रहे हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद यह संघर्ष भड़का था, जिसके जवाब में ईरान ने इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले खाड़ी देशों को निशाना बनाया था। तब से रुक-रुक कर बातचीत के प्रयास होते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव लगातार बना हुआ है।

अमेरिका ने यह निर्णय 1947 के संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समझौते के प्रावधानों के आधार पर लिया है, जिसके अनुसार मेजबान देश को विदेशी राजनयिकों को यूएन तक पहुंचने की सुविधा देनी होती है। हालांकि, अमेरिका सुरक्षा और विदेश नीति के आधार पर वीजा रोकने का अधिकार भी अपने पास रखता है।

दिलचस्प बात यह है कि ईरान को दी गई यह छूट फिलिस्तीनी नेतृत्व पर लिए गए रुख के ठीक उलट है। अमेरिका ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का हवाला देते हुए फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और उनके अधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। ऐसे में जारी जंग के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में राष्ट्रपति पेजेश्कियान का प्रस्तावित संबोधन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।