मुजफ्फरपुर में ज़कात सेंटर इंडिया का जनजागरूकता कार्यक्रम, आत्मनिर्भरता पर जोर

  • Post By Admin on Feb 15 2026
मुजफ्फरपुर में ज़कात सेंटर इंडिया का जनजागरूकता कार्यक्रम, आत्मनिर्भरता पर जोर

मुजफ्फरपुर: ज़कात सेंटर इंडिया, मुज़फ्फरपुर के तत्वावधान में जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत चंदवारा स्थित एक विवाह भवन में सार्वजनिक संबोधन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता दर्ज की गई।

ज़कात सेंटर इंडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-क़ुरआन से हुई। इसके बाद अध्यक्ष डॉ. महमूदुल हसन ने उद्घाटन संबोधन में ज़कात की सामाजिक और आर्थिक अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज़कात को संगठित ढंग से संग्रहित और वितरित किया जाए तो समाज में ग़रीबी, बेरोज़गारी और सामाजिक–आर्थिक असंतुलन को कम करने में प्रभावी परिणाम मिल सकते हैं। उन्होंने संस्था के उद्देश्य के रूप में ज़रूरतमंदों की सम्मानजनक सहायता और आत्मनिर्भरता को रेखांकित किया। सचिव सैयद अहमद ने संस्था की तीन वर्षों की कार्य-रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस अवधि में 180 लोगों को रोज़गार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया। साथ ही 29 ज़रूरतमंद छात्रों को शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता दी गई और लगभग 80 विधवाओं, असहाय एवं परित्यक्त महिलाओं को मासिक पेंशन उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य अतिथि इस्लामिक विद्वान रिज़वान अहमद रफ़ीक़ी ने अपने संबोधन में क़ुरआन की शिक्षाओं के संदर्भ में ज़कात की अनिवार्यता और सामाजिक न्याय की अवधारणा पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि संपत्ति को समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के साथ जोड़कर देखना चाहिए और ज़कात अदा करने से माल में बरकत आती है।

मीडिया प्रभारी मोहम्मद इश्तेयाक ने ज़कात की सामूहिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए सक्षम लोगों से नियमित रूप से ज़कात अदा करने की अपील की। कार्यक्रम में सरफराज आलम, हमीद हुसैन, एजाज़ अहमद, हैदर अली, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद आरिफ, तारिक जमाल, हस्साम तारिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व, सहयोग और सामुदायिक विकास का संदेश दिया गया।