यूपी में एनालॉग पनीर पर रोक की तैयारी, FSSAI को भेजा गया प्रतिबंध का प्रस्ताव

  • Post By Admin on Aug 07 2026
यूपी में एनालॉग पनीर पर रोक की तैयारी, FSSAI को भेजा गया प्रतिबंध का प्रस्ताव

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान को और सख्त करते हुए गैर-डेयरी यानी एनालॉग पनीर पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने इस संबंध में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को औपचारिक प्रस्ताव भेजा है।

प्रस्ताव का उद्देश्य होटलों, रेस्टोरेंटों, बैंक्वेट हॉलों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं द्वारा असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर परोसने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को धोखे से बचाया जा सकेगा और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

एफएसएसएआई द्वारा विभिन्न राज्यों में एनालॉग पनीर की बिक्री संबंधी शिकायतों के बाद सभी राज्यों को विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश एफएसडीए ने हापुड़, मेरठ, नोएडा, अलीगढ़, बागपत, लखनऊ, सहारनपुर और देवरिया में छापेमारी कर तीन क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर बरामद किया है। जांच में पाया गया कि कई होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक मेन्यू में पनीर से बने व्यंजन दिखाकर ग्राहकों को असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर परोस रहे थे। अधिकारियों के अनुसार लागत कम होने के कारण इसका उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, असली पनीर शुद्ध दूध से तैयार किया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में वनस्पति तेल, पाम ऑयल, स्टार्च, मिल्क पाउडर, सोया प्रोटीन और विभिन्न रासायनिक तत्वों का मिश्रण उपयोग किया जाता है। इसे इस प्रकार तैयार किया जाता है कि इसका रंग, स्वाद और बनावट असली पनीर जैसी प्रतीत हो। बाजार में दूध से बना पनीर लगभग 400 से 500 रुपये प्रति किलोग्राम बिकता है, जबकि एनालॉग पनीर 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम की लागत में तैयार हो जाता है। इसी कारण कुछ व्यापारी इसे असली पनीर बताकर बेचने से अधिक मुनाफा कमा रहे हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एनालॉग पनीर में मौजूद हाइड्रोजनेटेड वसा, पाम ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स का लगातार सेवन पाचन संबंधी समस्याएं, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकता है। एफएसएसएआई से मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाएगा। प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के तहत एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचने या परोसने वालों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी संचालकों के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से मिलावटखोरों पर अंकुश लगेगा, उपभोक्ताओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे और असली डेयरी उत्पादकों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।