संत गाडगे जी की पुण्यतिथि पर की गई श्रद्धांजलि अर्पित
- Post By Admin on Dec 21 2024

मुजफ्फरपुर : अखिल भारतीय धोबी महासभा और संत गाडगे सेवा परिषद, मुजफ्फरपुर इकाई के संयुक्त तत्वावधान में बीते शुक्रवार को संत शिरोमणि संत गाडगे जी महाराज की 68वीं पुण्यतिथि समारोह का आयोजन संत गाडगे नगर, सिकंदरपुर धोबी घाट में हुआ। समारोह की अध्यक्षता संत गाडगे सेवा परिषद के विहार प्रदेश अध्यक्ष देवन रजक ने की।
समारोह की शुरुआत नगर विधायक विजेन्द्र चौधरी और एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी द्वारा संत गाडगे जी महाराज की आदमकद प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद दोनों नेताओं को शॉल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधायक विजेन्द्र चौधरी ने कहा, “हमारा देश भारत ऋषि-मुनियों और संतों का देश है। जिन्होंने समाज में संतुलन बनाए रखने के लिए दर्शन और शिक्षा का प्रचार किया। संत गाडगे बाबा की अमृतवाणी आज भी समाज में प्रेरणा का स्रोत है।”
समारोह में देवन रजक ने संत गाडगे जी के जीवन और उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संत गाडगे बाबा का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अकोला जिले के शेण गांव में हुआ था। वे एक समाज सुधारक थे और उन्होंने समाज में स्वच्छता, शिक्षा और जातिवाद के खिलाफ कई संघर्ष किए। देवन रजक ने आगे कहा, “संत गाडगे बाबा ने अपना जीवन जनसेवा को समर्पित किया और शिक्षा, स्वच्छता और समाज सुधार के लिए कार्य किए।”
एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने संत गाडगे बाबा के उपदेशों पर जोर देते हुए कहा, “संत गाडगे बाबा ने दहेज प्रथा, जातिवाद और छूआछूत के खिलाफ आंदोलन चलाया। उनका मानना था कि सच्चा धर्म दरिद्र नारायण की सेवा में है और स्वच्छता और शिक्षा ही समाज का असली विकास है।”
कार्यक्रम में अजय कुमार रजक ने संत गाडगे बाबा की प्रेरणा से जुड़े अपने विचार साझा किए और कहा कि बाबा के कार्यों के प्रति कई प्रमुख व्यक्तियों ने श्रद्धा व्यक्त की। जिनमें महात्मा गांधी, पं नेहरू, डॉ. भीमराव अंबेडकर, मदन मोहन मालवीय और कर्मवीर भाऊराव पाटिल शामिल थे। बाबा से मिलने के लिए कई समाजसेवी, राजनीतिज्ञ, साहित्यकार और देशभक्त आते थे।
इस मौके पर अन्य प्रमुख अतिथियों में देवन रजक, मनोज कुमार बैठा, अमित कुमार लाला, पूनम कुमारी (मुख्य पार्षद, नगर पंचायत मीनापुर), निर्माला देवी (मुखिया, मधुबनी), ई. पंकज कुमार (मुखिया, अली नेउरा) और अन्य समाजसेवियों ने संत गाडगे बाबा के जीवन और उनके कार्यों पर विचार रखे।