नाट्य कार्यशाला से बच्चों में बढ़ेगा आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास
- Post By Admin on Jul 08 2026
मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जनहित प्रतिष्ठान की ओर से गुरु-शिष्य परंपरा के तहत बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय, कन्हौली विष्णुदत्त, मोहन सहनी टोला में नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में अभिनय कौशल के साथ-साथ आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूनम कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि नाट्य कार्यशालाएं बच्चों के व्यक्तित्व विकास का प्रभावी माध्यम हैं। इससे मंच पर बोलने का भय दूर होता है और बच्चों में आत्मविश्वास का संचार होता है। समाजसेवी अनिल कुमार अनल ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निखारने का सशक्त साधन है। इससे बच्चों में स्पष्ट एवं प्रभावी बोलने की क्षमता विकसित होती है, नेतृत्व कौशल बढ़ता है, टीम भावना मजबूत होती है और रचनात्मक सोच को नई दिशा मिलती है। कार्यशाला के दौरान मुजफ्फरपुर जनहित प्रतिष्ठान के कलाकारों ने विद्यार्थियों को रंगमंच की बारीकियों से परिचित कराया। प्रशिक्षक सुनील कुमार एवं अरुण कुमार सिंह ने परिचय एवं आत्मविश्वास निर्माण, समूह में घुलना-मिलना, झिझक दूर करना, मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति, स्वर एवं वाणी प्रशिक्षण, संवाद अदायगी की तकनीक, अभिनय, भाव-भंगिमा, इम्प्रोवाइजेशन (तत्काल अभिनय), खेल आधारित प्रशिक्षण, संवाद कला, शरीर की भाषा, रचनात्मकता और मंच प्रस्तुति से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
अरुण कुमार सिंह ने बताया कि नाट्य कार्यशाला केवल अभिनय सिखाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह प्रतिभागियों को रंगमंच, अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास की संपूर्ण प्रक्रिया से परिचित कराती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से बच्चों की छिपी प्रतिभा सामने आती है और उनमें बेहतर संवाद कौशल के साथ आत्मविश्वास का भी विकास होता है।