जीविका मॉडल से बदली सदर अस्पताल की तस्वीर, सफाई कर्मियों की बढ़ी आय
- Post By Admin on Feb 12 2026
लखीसराय : सदर अस्पताल की सफाई व्यवस्था में इन दिनों सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। जीविका के माध्यम से सफाई कार्य शुरू होने के बाद अस्पताल परिसर में गंदगी से काफी हद तक राहत मिली है। इमरजेंसी, ओपीडी, लेबर वार्ड, एसएनसीयू, फिजियोथैरेपी, पैथोलॉजी लैब सहित विभिन्न विभागों और कार्यालयों की नियमित सफाई से मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को स्वच्छ वातावरण मिल रहा है, जिससे अस्पताल की छवि भी बेहतर हुई है।
पूर्व में निजी एजेंसी के माध्यम से सफाई कार्य कराया जाता था, जहां महिला सफाई कर्मियों को बेहद कम मजदूरी मिलती थी। कर्मियों के अनुसार उन्हें प्रतिमाह मात्र तीन से साढ़े तीन हजार रुपए तक पारिश्रमिक दिया जाता था, जो उनके श्रम के अनुरूप नहीं था। इसके अलावा समय पर भुगतान और अन्य सुविधाओं को लेकर भी उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अब जीविका के माध्यम से सफाई व्यवस्था संचालित होने पर स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। सफाई कर्मियों को न्यूनतम सात हजार रुपए मासिक मानदेय दिया जा रहा है। साथ ही सभी कर्मियों को कार्य के दौरान पहनने के लिए ड्रेस भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे एकरूपता बनी रहती है और काम करने में सुविधा मिलती है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय होने से सफाई व्यवस्था काफी प्रभावी हुई है। वहीं सफाई कर्मियों का कहना है कि जीविका के सहयोग से उन्हें निजी एजेंसी के आर्थिक दोहन से राहत मिली है। समय पर मानदेय मिलने और सम्मानजनक व्यवहार से उनका मनोबल बढ़ा है।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि स्वच्छता में सुधार से मरीजों की संतुष्टि बढ़ेगी और संक्रमण का खतरा भी कम होगा। जीविका की इस पहल को अस्पताल कर्मियों के साथ-साथ आम लोगों ने भी सराहनीय कदम बताया है।