आधुनिक युग में भी प्रासंगिक हैं स्वामी विवेकानंद के विचार : डॉ. स्नेहलता कुसुम
- Post By Admin on May 13 2026
पटना: सामाजिक संगठन “प्रयत्न” की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार का विषय “आधुनिक युग में युवाओं के निर्माण में विवेकानंद जी के विचारों की भूमिका” रखा गया, जिसमें युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता पटना कॉलेज, पटना के दर्शनशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्नेहलता कुसुम थीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजना यादव ने की। अपने संबोधन में डॉ. स्नेहलता कुसुम ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने वेदांतीय एकात्मकता के सिद्धांत को समाज की समस्याओं के समाधान का आधार बताते हुए कहा कि विवेकानंद ने समकालीन परिवर्तनों के अनुरूप युवाओं को पारिवारिक, शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति को शाश्वत सिद्धांतों और प्रासंगिक परंपराओं का संगम मानते थे। यही कारण है कि सनातन संस्कृति समय के साथ आगे बढ़ती रही है। युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे आधुनिक समाज में आत्म-मूल्य, राष्ट्र गौरव और एकात्मकता के सिद्धांतों को जीवंत बनाए रखें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रंजना यादव ने कहा कि आधुनिक युग में भी स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं और उनका दर्शन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं संस्था का परिचय प्रयत्न के संस्थापक सह निदेशक प्रभात कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रंजीत कुमार ने किया। वहीं प्रयत्न के सहायक कार्यक्रम प्रबंधक अमित चंद्र चौधरी ने मुख्य वक्ता एवं अध्यक्ष को स्मृति चिन्ह समर्पित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सूरज सिंह, सुनील कुमार, अकेला शाही, सतीश सिंह, कमलेश कुमार यादव, दिव्यानी, रोहित कुमार, अवंतिका एवं सतीश कुमार सिंह की सराहनीय भूमिका रही। वहीं कार्यक्रम का संयोजन संगठन की कार्यक्रम प्रबंधक शालिनी रंजन ने की ।