NEET पेपर लीक के विरोध में लखीसराय में छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा मांगपत्र

  • Post By Admin on Jul 25 2026
NEET पेपर लीक के विरोध में लखीसराय में छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन, डीएम को सौंपा मांगपत्र

लखीसराय : NEET पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित विभिन्न छात्र मुद्दों को लेकर शनिवार को लखीसराय में छात्र-युवा संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध मार्च निकाला। के.आर.के. मैदान से शुरू हुआ मार्च जिला समाहरणालय तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को छह सूत्री मांगपत्र सौंपा।

प्रतिरोध मार्च का आयोजन SFI, DYFI, AISF, AIYF, IYC और युवा राजद के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। मार्च का नेतृत्व DYFI के जिला अध्यक्ष दीपक वर्मा ने किया। इस दौरान छात्र-युवा तिरंगा, संगठन के झंडे और बैनर लेकर विभिन्न मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए समाहरणालय पहुंचे। मार्च में AIYF के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन कुमार सिन्हा, DYFI के जिला अध्यक्ष दीपक वर्मा, SFI के जिला नेता सुभाष कुमार एवं संघर्ष सुनील, AISF के गुड्डू यादव, IYC के पंकज वर्मा तथा युवा राजद के विनय साहू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

समाहरणालय के समीप आयोजित सभा की अध्यक्षता दीपक वर्मा ने की। इसके बाद जिला पदाधिकारी के आमंत्रण पर 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर छह सूत्री मांगपत्र सौंपा। मांगपत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, NEET पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, परीक्षा से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा, NTA को भंग कर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, विभिन्न स्थानों पर आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की न्यायिक जांच तथा शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने की मांग शामिल है।

प्रतिनिधिमंडल को जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि मांगपत्र को राज्य सरकार के समक्ष अग्रसारित किया जाएगा। कार्यक्रम में के.एस.एस. कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. विजेंद्र प्रसाद सिंह, वार्ड पार्षद एवं छात्र नेता सुनील कुमार तथा समाजसेवी शंकर राम भी मौजूद रहे। वहीं आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-युवाओं ने भागीदारी निभाई।