कबड्डी में दमदार प्रदर्शन, दूसरे दिन टीम-2 का दबदबा, लड़कियों और लड़कों दोनों वर्ग में रोमांच चरम पर

  • Post By Admin on Mar 20 2026
कबड्डी में दमदार प्रदर्शन, दूसरे दिन टीम-2 का दबदबा, लड़कियों और लड़कों दोनों वर्ग में रोमांच चरम पर

मुजफ्फरपुर: ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय में चल रही वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेल मैदान में जबरदस्त उत्साह और रोमांच देखने को मिला। पूरे दिन खेले गए मुकाबले अंक आधारित प्रणाली पर आयोजित किए गए, जिसमें खिलाड़ियों ने रणनीति, फुर्ती और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

लड़कियों की कबड्डी प्रतियोगिता में तीन टीमों—टीम-1, टीम-2 और टीम-3—ने भाग लिया। मुकाबले काफी कड़े रहे, जहां हर टीम ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। टीम-3 ने कुल 15 अंक हासिल कर उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। इस टीम की ओर से रिया ने सर्वाधिक 11 अंक जुटाकर अहम योगदान दिया, जबकि चांदनी ने 2 अंक, मुस्कान और रानी ने 1-1 अंक जोड़े।

वहीं टीम-2 ने बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए कुल 21 अंक अर्जित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। टीम की ब्यूटी ने शानदार खेल दिखाते हुए अकेले 13 अंक हासिल किए। उनके अलावा प्रिया ने 4, संध्या ने 3 और गरिमा ने 1 अंक जोड़कर टीम की जीत सुनिश्चित की। लड़कों की कबड्डी प्रतियोगिता में चार टीमों—टीम-1, टीम-2, टीम-3 और टीम-4—के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। टीम-3 ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान हासिल किया। इस टीम में ऐश्वर्य आनंद ने सर्वाधिक 16 अंक बनाए, जबकि प्रियांशु ने 4, आदर्श ने 6 और सुमित ने 3 अंक जोड़कर टीम को मजबूत किया। फाइनल मुकाबले में टीम-2 की शुरुआत भले ही धीमी रही, लेकिन हाफ टाइम के बाद टीम ने जबरदस्त वापसी करते हुए खेल का रुख बदल दिया और कुल 37 अंक अर्जित कर विजेता बनी। टीम के इशांत कुमार ने 19 अंक बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई। सोनू कुमार ने 7, हिमांशु ने 6 तथा प्रकाश कुमार ने 5 बोनस अंक हासिल कर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई।

इस अवसर पर खेल अध्यक्ष डॉ. चितरंजन के नेतृत्व में प्रतियोगिता का सफल संचालन किया गया। कार्यक्रम में असिस्टेंट लाइब्रेरियन श्री सुमित कुमार, श्री मृगांक, श्री पवन सिंह, पूर्व रिटायर्ड प्रधान सहायक श्री परमानंद झा तथा विजय कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन ने यह साबित कर दिया कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, और ऐसे आयोजन उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।