लखीसराय में शिक्षा विभाग पर संगीन आरोप, दलित कर्मी ने अफसरों के खिलाफ खोला मोर्चा
- Post By Admin on Jun 04 2026
लखीसराय : जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) रामगढ़ चौक में कार्यरत रहे एक आदेशपाल (चतुर्थवर्गीय कर्मचारी) ने शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों पर अवैध राशि मांगने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने तथा नौकरी से हटाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित कपिलदेव नारायण दास, निवासी डूडीह, थाना रामगढ़ चौक, ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा) नीलम राज तथा बिहार शिक्षा परियोजना कार्यालय की संभागीय प्रभारी कृष्णा कुमारी सिन्हा द्वारा उनसे 50 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। आरोप है कि राशि नहीं देने पर उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया और अंततः कार्य से हटा दिया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्हें उनकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा तथा कई बार सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया। आवेदन में पीड़ित ने बताया है कि वह वर्ष 2009 से आदेशपाल के पद पर कार्यरत थे। एक आपराधिक मामले में जेल जाने और बाद में जमानत पर रिहा होने के पश्चात उन्होंने पुनः सेवा में योगदान देने का प्रयास किया। उनका दावा है कि पूर्व में शिकायत के बाद उन्हें दोबारा कार्य पर रखा गया था, लेकिन बाद में फिर से प्रताड़ित कर सेवा से अलग कर दिया गया। पीड़ित ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि बिहार राज्य अनुसूचित जाति आयोग, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पुलिस अधीक्षक (कमजोर वर्ग) तथा पुलिस अधीक्षक, लखीसराय को भी भेजी गई है।
फिलहाल यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना शेष है। जिला प्रशासन द्वारा शिकायत की जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।