वरिष्ठ गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रणसिंह परमार का निधन, सामाजिक जगत में शोक
- Post By Admin on Mar 13 2026
मुजफ्फरपुर : देश के जाने-माने गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रणसिंह परमार का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार शाम छत्तीसगढ़ के तिल्दा स्थित प्रयोग आश्रम में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और गांधीवादी संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. रणसिंह परमार वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक डॉ. एस. एन. सुब्बाराव के अभिन्न सहयोगी रहे थे। वे महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जोड़ा (मध्यप्रदेश) के सचिव के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन पर सबका अधिकार आंदोलन से जुड़े संगठन एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। इसके अलावा वे राष्ट्रीय युवा योजना सहित कई सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
डॉ. परमार ने अपने जीवन का अधिकांश समय गांधीवादी विचारधारा और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित किया। डॉ. एस. एन. सुब्बाराव द्वारा संचालित चंबल क्षेत्र समेत देशभर में चलने वाले सामाजिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके निधन को सामाजिक कार्यकर्ताओं और गांधीवादी विचारधारा के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के मूल निवासी डॉ. रणसिंह परमार अपने पीछे एक बड़ा परिवार और व्यापक सामाजिक विरासत छोड़ गए हैं। उनके निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में प्रयत्न के संस्थापक एवं राष्ट्रीय युवा योजना के प्रभात कुमार, राष्ट्रीय युवा योजना के मुकेश चंद्र झा, गांधी शांति प्रतिष्ठान मुजफ्फरपुर केंद्र के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार सिंह, सचिव अरविंद वरुण, प्रो. विकास नारायण उपाध्याय, केशव पांडे, रजनीश कुमार झा, विकास कुमार सिंह, कुमारी हेना, उषा झा, शिवानी कुमारी, शालिनी रंजन, विक्रम जय नारायण निषाद, अर्जुन गुप्ता, श्रीधर कुमार, कमल गुप्ता, राहुल कुमार और कृष्णा कुमार सहित कई लोग शामिल हैं।