मुजफ्फरपुर के अपार्टमेंट की सुरक्षा पर उठे सवाल, लिफ्ट की वजह से मेड की गई जान
- Post By Admin on Jan 21 2026
मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा स्थित विजय इनक्लेव अपार्टमेंट में लिफ्ट के गलियारे में गिरकर डीएसपी के यहां काम करने वाली मेड (दाई) पुनीता देवी (60) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अपार्टमेंट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
मृतका पुनीता देवी दरभंगा जिले के अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र अंतर्गत विशनपुर की रहने वाली थी। वह अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 101 में पटना में पदस्थापित एक डीएसपी के यहां पिछले कुछ महीनों से काम कर रही थी। जानकारी के अनुसार, वह पांचवीं मंजिल से कपड़े लेकर नीचे आ रही थी। लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर पर थी और उसे ऊपर बुलाने के लिए बटन दबाया गया। इसी दौरान लिफ्ट के ऊपर वाले फ्लोर पर दरवाजा खुल गया, जबकि केबिन वहां मौजूद नहीं था।
बताया गया कि दरवाजा खुलते ही पुनीता देवी ने गलियारे में कदम रखा और सीधे नीचे लिफ्ट शाफ्ट में गिर गई। गिरने से उनका सिर बुरी तरह फट गया, हाथ-पैर टूट गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा और सदर थानाध्यक्ष अस्मित कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाया गया, जिसने ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक जांच कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेजा गया।
दरभंगा से मृतका का पुत्र केशव कुमार चौधरी अन्य परिजनों के साथ मुजफ्फरपुर पहुंचा। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। केशव ने बताया कि वर्ष 2012 में उसके पिता की मौत हो चुकी है और वह परिवार में इकलौता है। आर्थिक तंगी के कारण उसकी मां पिछले कुछ महीनों से मेड का काम कर रही थी। उसने पुलिस को बताया कि घटना से कुछ मिनट पहले ही फोन पर मां से बात हुई थी, तब उसने कहा था कि वह ठीक है।
एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तकनीकी फॉल्ट की आशंका सामने आई है। संभव है कि लिफ्ट पहले मंजिल पर ही रुक गई थी, जबकि ऊपर पांचवीं मंजिल पर दरवाजा खुल गया। महिला उस समय फोन पर बात कर रही थी, संभवतः इसी कारण उसे यह आभास नहीं हुआ कि लिफ्ट केबिन मौजूद नहीं है और वह नीचे गिर गई।
- सोसाइटी प्रबंधन पर गंभीर सवाल
घटना के बाद लिफ्ट के रख-रखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपार्टमेंट सोसाइटी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान सोसाइटी के जिम्मेदार पुलिस के सामने नहीं आए। केवल गार्ड से पूछताछ की गई है, जबकि मेंटेनेंस शुल्क वसूलने वाले जिम्मेदारों के फरार होने की चर्चा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अपार्टमेंट में प्रति फ्लैट करीब 2000 रुपये मासिक मेंटेनेंस शुल्क वसूला जाता है, इसके बावजूद लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधा की नियमित जांच और सुरक्षा व्यवस्था नदारद है। हादसे के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग सोसाइटी प्रबंधन की लापरवाही को इस मौत का कारण बता रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक पहले भी सोसायटी में इस प्रकार की समस्या लगातार देखने को मिलती रही है लेकिन प्रबंधन इसपर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता रहा है। प्रबंधक को प्रतिमाह शुल्क वसूलने से मतलब है ।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और लिफ्ट के तकनीकी पहलुओं के साथ-साथ सोसाइटी की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।