मालीघाट में सरला श्रीवास स्मृति महापर्व आयोजित, कठपुतली कलाकारों को किया गया सम्मानित
- Post By Admin on Mar 21 2026
मुजफ्फरपुर: मालीघाट में शनिवार को कठपुतली कला और सामाजिक जागरूकता को समर्पित सरला श्रीवास स्मृति महापर्व का आयोजन भावपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार कांता देवी ने की, जिसमें बड़ी संख्या में कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत सरला श्रीवास के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए की गई। अध्यक्ष कांता देवी ने कहा कि सरला श्रीवास ने कठपुतली कला को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त माध्यम बनाया। वे देशभर में भ्रमण कर शांति, खुशहाली और बेहतर समाज निर्माण का संदेश देती थीं तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करती थीं। सांस्कृतिक दूत के रूप में सरला श्रीवास के योगदान को याद करते हुए अभय कुमार शब्द ने कहा कि उनका कार्य अतुलनीय है और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। वहीं सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक सुनील कुमार ने उनके जीवन संघर्ष और सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बचपन से ही उन्हें कला और संस्कृति से गहरा लगाव था।
उन्होंने बताया कि सरला श्रीवास एकता परिषद से जुड़कर आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचीं और वहां के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वर्ष 2014 में मध्यप्रदेश के बैतूल में सामाजिक कार्यकर्ता भान साहू से प्रशिक्षण लेने के बाद वे सीजीनेट जन पत्रकारिता जागरूकता यात्रा से जुड़ीं। इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार शुभ्रांशु चौधरी से प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने मोबाइल मीडिया के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को उठाया और गांधीवादी तरीके से सैकड़ों समस्याओं का समाधान कराया। सरला श्रीवास ने कठपुतली कला, अभिनय, संगीत और भाषण के जरिए महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, मतदाता जागरूकता और मजदूर-किसान के अधिकारों जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने देहाती बुल्टू रेडियो की स्थापना कर जनसरोकार से जुड़े विषयों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का कार्य किया। साथ ही वे महिलाओं को कठपुतली निर्माण और संचालन का प्रशिक्षण देकर उन्हें सामाजिक बदलाव की मुख्यधारा से जोड़ती थीं। लोक गायिका अनिता कुमारी ने कहा कि सरला श्रीवास देशभर में कठपुतली के माध्यम से शांति और अहिंसा का संदेश फैलाती रहीं और हिंसा के खिलाफ उनके अभियान का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा।
इस अवसर पर समाज और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई लोगों को सरला श्रीवास स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में बिक्रम जय नारायण निषाद, अभय कुमार शब्द, दीपक कुमार बहादुर, महेश्वर पासवान, प्रमिला देवी, स्वेता यादव, कृष कुमार, गोलू कुमार और दीपू कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी कलाकारों को विश्व कठपुतली दिवस की शुभकामनाएं दीं। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की सशक्त शक्ति भी है।