सम्राट सरकार के 100 दिन : बड़े फैसलों और सुशासन के दावों का रिपोर्ट कार्ड
- Post By Admin on Jul 24 2026
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर अपनी उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है। सरकार का कहना है कि इस अवधि में कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, जनकल्याण योजनाओं के विस्तार और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कई अहम निर्णय लिए गए। वहीं, विपक्ष सरकार के इन दावों पर सवाल उठाते हुए जमीनी स्तर पर उनके प्रभाव को लेकर लगातार निशाना साध रहा है।
सरकार ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर 'लोक सेवक आवास' कर दिया, जिसे प्रशासनिक सोच में बदलाव का प्रतीक बताया गया है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का दावा किया है। सरकार के अनुसार 100 दिनों में 16 कुख्यात अपराधियों के खिलाफ पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें चार अपराधी मारे गए, जबकि 12 के पैर में गोली लगी। सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रशासनिक सुधार के तहत 132 वर्ष पुराने जेल मैनुअल को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, बड़े टेंडर घोटाले में शामिल पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत कई अफसरों पर कार्रवाई की गई है। पेपर लीक माफिया और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सीसीए लगाने का निर्णय भी लिया गया है। साथ ही परीक्षा माफिया को डेढ़ वर्ष तक जमानत नहीं मिलने का प्रावधान किया गया है।
महिला सुरक्षा को लेकर 'पुलिस दीदी' पहल शुरू की गई है। इसके अलावा डायल-112 की प्रतिक्रिया समय को घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।सरकार ने प्रत्येक माह की 10 तारीख को 'पेंशन दिवस' मनाने की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत 97.84 लाख लाभार्थियों के खातों में समय पर पेंशन राशि भेजे जाने का दावा किया गया है। शेष पात्र लाभार्थियों को भी जल्द योजना से जोड़ने की बात कही गई है।
बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए राज्य में 12 नई सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जा चुके हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी सामने आ रहा है। जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'सहयोग' कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसके तहत शिकायतों का 30 दिनों के भीतर निपटारा अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है, जिसकी निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री करेंगे। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने 551 मॉडल स्कूल और 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू करने का दावा किया है। हालांकि कई संस्थानों में शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब भी चुनौती बना हुआ है।
आने वाले समय के लिए सरकार ने 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना, एक करोड़ रोजगार सृजन, कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। हालांकि भूमि अधिग्रहण, संसाधनों की उपलब्धता और परियोजनाओं को समय पर पूरा करना सरकार के सामने प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।