सहारा इंडिया को बड़ा झटका, जिला उपभोक्ता आयोग ने 14.37 लाख रुपए भुगतान का दिया आदेश

  • Post By Admin on Mar 10 2026
सहारा इंडिया को बड़ा झटका, जिला उपभोक्ता आयोग ने 14.37 लाख रुपए भुगतान का दिया आदेश

मुजफ्फरपुर : जिला उपभोक्ता आयोग ने सहारा इंडिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कंपनी को निवेशक को 14 लाख 37 हजार रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि उक्त राशि पर 17 जून 2020 से 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाए।

मामला सदर थाना क्षेत्र के लहलादपुर पताही गांव निवासी गौरीशंकर सिंह से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2010 में सहारा इंडिया की पंकज मार्केट शाखा में 8 लाख रुपए का निवेश किया था। कंपनी की ओर से उन्हें हर माह 7 हजार रुपए ब्याज देने का वादा किया गया था। आरोप है कि सहारा इंडिया के कर्मियों द्वारा कागजी हेराफेरी कर उक्त ब्याज राशि को सहारा इंडिया की करजा शाखा में जमा किया जाने लगा, जिससे परिवादी को ब्याज का पूरा लाभ नहीं मिल सका।

परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी जब निवेश की राशि वापस नहीं मिली, तो गौरीशंकर सिंह ने 17 जून 2020 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान सभी साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आयोग ने माना कि सहारा इंडिया की ओर से परिवादी को उचित सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन है।

आयोग के अध्यक्ष पियूष कमल दीक्षित तथा सदस्य सुनील कुमार तिवारी की पीठ ने सहारा इंडिया को निर्देश दिया कि वह परिवादी को 14 लाख 37 हजार रुपए का भुगतान करे। इसके साथ ही आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षति के मद में 20 हजार रुपए तथा वाद खर्च के रूप में 10 हजार रुपए भी देने का आदेश दिया गया है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो सहारा इंडिया को 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।

मामले में परिवादी की ओर से मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने पैरवी की। उन्होंने कहा कि आयोग का यह फैसला सराहनीय है और सहारा इंडिया से परेशान अन्य निवेशकों के लिए यह निर्णय एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2020 में सहारा इंडिया के कर्मियों द्वारा परिवादी को जान से मारने का प्रयास किए जाने का आरोप है, जिसके संबंध में सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर में आपराधिक मामला भी लंबित है।

*खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है*