बिहार के युवा मानव संसाधन की संभावनाओं पर चर्चा, आरडीएस कॉलेज में हुआ पैनल डिस्कशन
- Post By Admin on Sep 01 2026
मुजफ्फरपुर : रामदयालु सिंह महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में “Harnessing Demographic Dividend: Challenges facing Bihar” विषय पर पैनल डिस्कशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार की विशाल युवा आबादी, जनसांख्यिकी लाभांश की संभावनाओं और इसके समुचित उपयोग के सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने की। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को शिक्षित, कुशल और सक्षम बनाने का आह्वान किया। मुख्य पैनलिस्ट एवं वक्ता बीआरएबीयू के डीन छात्र कल्याण डॉ. आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि उचित नीतियों और मानव पूंजी में निवेश के माध्यम से बिहार की जनसांख्यिकी क्षमता को वास्तविक जनसांख्यिकी लाभांश में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो बिहार अपनी आबादी को आर्थिक एवं सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति में बदल सकता है। उन्होंने जनसंख्या की क्षमता के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षा और कौशल को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया।
अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. श्रुति मिश्रा ने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बिहार के संदर्भ में जनसांख्यिकी लाभांश की अवधारणा, इसकी संभावनाओं तथा रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और मानव संसाधन से जुड़ी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकी लाभांश तभी वास्तविक विकास का आधार बनेगा, जब युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा प्रदान की जाएगी। पैनल डिस्कशन में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने विषय से जुड़े विभिन्न प्रश्नों और विचारों के माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि बिहार की युवा आबादी को उचित अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर राज्य के आर्थिक विकास को नई गति दी जा सकती है।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. संध्या कुमारी ने किया, जबकि स्वागत डॉ. विकास ने किया। मौके पर डॉ. रमेश प्रसाद गुप्ता, डॉ. एमएन रजवी, डॉ. अजमत अली, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. जयदीप घोष, डॉ. सौरभ राज, डॉ. रजनीकांत पांडे, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. प्रियंका चौरसिया, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. स्नेहलता, डॉ. सुमनलता, डॉ. हसन रजा, डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. अमर ज्योति रंजन, डॉ. भगवान कुमार, डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. चौधरी संजय कुमार सिंह, डॉ. अमोद कुमार, डॉ. सीके झा, डॉ. आरती मित्रा, डॉ. गणेश कुमार शर्मा, डॉ. दीपक कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।