लखीसराय जिला अधिवक्ता संघ चुनाव पर उठे सवाल, पुनः चुनाव की मांग

  • Post By Admin on Apr 06 2026
लखीसराय जिला अधिवक्ता संघ चुनाव पर उठे सवाल, पुनः चुनाव की मांग

लखीसराय : जिला अधिवक्ता संघ के हाल ही में संपन्न चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 12 मार्च 2026 को हुए इस चुनाव के परिणाम के खिलाफ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अधिवक्ता रजनीश कुमार ने बिहार राज्य विधिज्ञ परिषद, पटना में विस्तृत अपील दायर कर चुनाव प्रक्रिया में व्यापक अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।

दायर अपील में निर्वाचित अध्यक्ष, चुनाव पदाधिकारी डॉ. श्रीनिवास सिंह तथा तीन सदस्यीय समिति के सदस्य अधिवक्ता उमेश्वर प्रसाद यादव, चन्द्रमौलेश्वर सिन्हा और सहजानन्द सिंह सहित अध्यक्ष पद के सभी नौ प्रत्याशियों को पक्षकार बनाया गया है।

अधिवक्ता रजनीश कुमार का आरोप है कि चुनाव के दौरान मतदाता सूची में मनमाने तरीके से बदलाव किए गए। उनके अनुसार 18 फरवरी 2026 को बिना सदस्यता पंजी के प्रस्तावित मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जबकि 21 फरवरी को जारी अंतिम सूची से कई नियमित और सक्रिय अधिवक्ताओं के नाम हटा दिए गए। इसके बाद 23 फरवरी को पुनः प्रकाशित सूची में कई निष्क्रिय और बकाया सदस्यता शुल्क वाले सदस्यों के नाम जोड़ दिए गए।

अपील में यह भी कहा गया है कि मतदान से मात्र 12 घंटे पहले दर्जनों मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ दिए गए, जिसकी जानकारी किसी भी प्रत्याशी को नहीं दी गई। आरोप है कि यह नाम निवर्तमान सचिव की अनुशंसा पर चुनाव में लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जोड़े गए, जबकि कई वैध अधिवक्ताओं के नाम आपत्तियों के बावजूद सूची में शामिल नहीं किए गए।

अपीलकर्ता ने यह भी कहा है कि बिहार राज्य विधिज्ञ परिषद के आदर्श नियमों के अनुसार नामांकन तिथि से एक सप्ताह पहले मतदाता सूची में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके बावजूद अंतिम समय तक सूची में बदलाव किया गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

इसके अतिरिक्त चुनाव प्रक्रिया, मतदान तथा मतगणना की दृश्य अभिलेखन व्यवस्था भी नहीं कराई गई, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

रजनीश कुमार ने सवाल उठाया है कि जब सदस्यता पंजी उपलब्ध ही नहीं कराया गया तो मतदाता सूची किस आधार पर तैयार की गई। वर्ष 2023 की सूची में शामिल अधिवक्ताओं के नाम क्यों हटाए गए और वर्षों से निष्क्रिय सदस्यों को मतदान से ठीक पहले क्यों जोड़ा गया।

इन कथित अनियमितताओं के आधार पर अधिवक्ता रजनीश कुमार ने बिहार राज्य विधिज्ञ परिषद से चुनाव परिणाम को निरस्त कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुनः चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो इस मामले को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष भी उठाया जाएगा।

अधिवक्ता रजनीश कुमार ने कहा, “यह केवल एक चुनाव का मामला नहीं है, बल्कि अधिवक्ता संघ की गरिमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा का प्रश्न है।”