शैक्षणिक संस्थानों में जातीय भेदभाव के खिलाफ प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
- Post By Admin on Feb 21 2026
मुजफ्फरपुर : शैक्षणिक संस्थानों में जातीय भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ यूजीसी रेगुलेशन एक्ट 2026 के समर्थन में शनिवार को शहर में एक विशाल जुलूस निकाला गया। मूलनिवासी बहुजन एकता फोरम और इंडियन इंडीजीनस कांस्टीट्यूशनलिस्ट एलायंस (IICA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बुद्धिजीवियों, प्राध्यापकों, अधिवक्ताओं और छात्र-नौजवानों की भागीदारी रही।
जुलूस शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल से प्रारंभ होकर कंपनी बाग और सरैयागंज होते हुए समाहरणालय परिसर पहुंचा, जहां यह धरना में तब्दील हो गया। प्रतिभागियों ने शैक्षणिक परिसरों में समानता, समावेशन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। धरना स्थल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के साथ कथित विषमतापूर्ण व्यवहार, जातीय भेदभाव तथा धार्मिक और क्षेत्रीय उत्पीड़न के मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रस्तावित समावेशन एवं निष्पक्षता आधारित समता संवर्धन विनिमय 2026 को लागू करने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान महामहिम राष्ट्रपति, भारत सरकार और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आयोजकों ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में भेदभाव-मुक्त वातावरण और समान अवसर सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
आयोजन में IICA के जिला संयोजक विष्णुदेव यादव, राम नरेश सहनी, रामनरेश राम, रामनरेश पंडित, दीपक ठाकुर, आलोक अंबेडकर, योगेंद्र रजक और ललन भगत सहित कई सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।