लखीसराय में आपदा प्रबंधन को नई मजबूती, SDRF के साथ तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

  • Post By Admin on Jun 06 2026
लखीसराय में आपदा प्रबंधन को नई मजबूती, SDRF के साथ तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

लखीसराय : आगामी बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, लखीसराय द्वारा राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के सहयोग से आपदा मित्रों एवं गोताखोरों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 04 से 06 जून 2026 तक अष्टघट्टी तालाब एवं संग्रहालय परिसर के समीप संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित कुल 54 आपदा मित्रों एवं गोताखोरों ने भाग लिया। SDRF की विशेषज्ञ टीम द्वारा प्रतिभागियों को जल बचाव तकनीक, डूबते व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया, प्राथमिक उपचार, आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, राहत एवं बचाव उपकरणों के उपयोग तथा बाढ़ जैसी परिस्थितियों में सामुदायिक सहयोग से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी लखीसराय श्री शैलेंद्र कुमार ने कहा कि आपदा की स्थिति में सबसे पहले स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “पहले स्वयं सुरक्षित रहें, उसके बाद दूसरों की मदद करें।” साथ ही उन्होंने प्रशिक्षित आपदा मित्रों से आह्वान किया कि वे प्राप्त प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए आपदा के समय प्रशासन और समाज के सहयोगी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए SDRF टीम को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आपदा मित्र समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। आपदा प्रबंधन शाखा के प्रभारी पदाधिकारी श्री शशि कुमार ने बताया कि बाढ़ के दौरान संभावित प्रभावित क्षेत्रों, नदी तटों एवं तटबंधों के आसपास प्रशिक्षित आपदा मित्रों एवं गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। ये टीमें नियमित पेट्रोलिंग करते हुए स्थानीय प्रशासन को सहयोग प्रदान करेंगी तथा आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी श्री मुकुल पंकज मणि ने प्रशिक्षणार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना राहत योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को “गुड सेमेरिटन योजना” के तहत ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिला पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जो भी व्यक्ति आपदा या दुर्घटना के समय निस्वार्थ भाव से लोगों की जान बचाता है, उसे जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा ताकि समाज में दूसरों को भी प्रेरणा मिले।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी बंदना पाण्डेय, जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार सहित कई पदाधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।