लखीसराय में फ्रोजन सीमेन स्टेशन परियोजना की तैयारी तेज, NDDB-कम्फेड टीम ने किया निरीक्षण

  • Post By Admin on Jun 06 2026
लखीसराय में फ्रोजन सीमेन स्टेशन परियोजना की तैयारी तेज, NDDB-कम्फेड टीम ने किया निरीक्षण

लखीसराय : जिले में प्रस्तावित फ्रोजन सीमेन स्टेशन परियोजना की स्थापना को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने शनिवार को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) एवं कम्फेड की टीम के साथ चानन प्रखंड अंतर्गत चिन्हित स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति का जायजा लिया।

जानकारी के अनुसार, फ्रोजन सीमेन स्टेशन परियोजना की स्थापना के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा चानन अंचल के गोपालपुर मौजा में 79.92 एकड़ गैर मजरूआ मालिक भूमि मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार को हस्तांतरित की जा चुकी है। विभागीय निर्देश के तहत NDDB एवं कम्फेड की टीम ने स्थल का भौतिक निरीक्षण कर परियोजना की संभावनाओं का आकलन किया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने कुंदरबराज मार्ग से स्थल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया तथा भूमि की स्थिति, जल स्रोतों की उपलब्धता और आसपास के गांवों की भौगोलिक परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन किया।

NDDB की तकनीकी टीम, जिसमें असैनिक अभियंता भी शामिल थे, ने स्थानीय अमीनों और गोबरदाहा तथा कोडासी गांव के ग्रामीणों के सहयोग से जीपीएस आधारित फोटोग्राफी कर स्थल से संबंधित तकनीकी जानकारियां एकत्र कीं। स्थल निरीक्षण के बाद कुंदरबराज स्थित गेस्ट हाउस में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने परियोजना के लिए जल उपलब्धता संबंधी विस्तृत जानकारी टीम को दी। इस दौरान गोबरदाहा और कोडासी गांव के जनजातीय समुदाय के लोगों से भी संवाद स्थापित किया गया। ग्रामीणों ने परियोजना की जानकारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के विकास और रोजगार के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त होगा।

निरीक्षण के उपरांत NDDB एवं कम्फेड की टीम ने जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सहयोग और समन्वय के लिए आभार व्यक्त किया। इसके बाद टीम अगले चरण के निरीक्षण के लिए धरहरा प्रखंड के लिए रवाना हो गई। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित निगरानी और प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए, ताकि कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।