गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, जीविका कार्यक्रम के लिए 1407 करोड़ रुपए मंजूर
- Post By Admin on Jun 20 2026
पटना : बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने जीविका कार्यक्रम के तहत गरीब परिवारों को कौशल विकास, रोजगार और आय वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 1407.15 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस पहल का उद्देश्य हजारों परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत इस राशि में 60 प्रतिशत योगदान केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार का है। योजना के तहत राज्य के सभी जिलों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप फंड आवंटित किया गया है। पूर्वी चंपारण को 6,636.90 लाख रुपए, गया को 5,899.47 लाख रुपए, पटना को 5,653.66 लाख रुपए, मधुबनी को 5,162.03 लाख रुपए तथा मुजफ्फरपुर को 3,932.98 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं।
गांवों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, रुकेगा पलायन
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस राशि के निवेश से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन उपलब्ध होने से लोगों की दूसरे राज्यों पर रोजगार के लिए निर्भरता कम होगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।
अधिकारियों का कहना है कि गांवों का पैसा गांवों में ही खर्च होने से स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। वहीं, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियों को सीधे वित्तीय सहायता मिलने से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार व समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
वंचित वर्गों को मिलेगा सीधा लाभ
योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए विशेष मद में राशि का प्रावधान किया गया है। इससे समाज के सबसे पिछड़े और वंचित वर्गों तक सरकारी सहायता सीधे पहुंचेगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे सामाजिक असमानता कम करने में मदद मिलेगी और ग्रामीण विकास की प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी।
अधिकारियों ने बताया कि जीविका कार्यक्रम के माध्यम से पहले भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और इस नई वित्तीय सहायता से ग्रामीण बिहार में आर्थिक एवं सामाजिक बदलाव की गति और तेज होने की उम्मीद है।