लखनऊ अग्निकांड : 15 जिंदगियां लील गई भीषण आग, उच्चस्तरीय जांच शुरू

  • Post By Admin on Jun 22 2026
लखनऊ अग्निकांड : 15 जिंदगियां लील गई भीषण आग, उच्चस्तरीय जांच शुरू

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग एवं गेमिंग-सॉफ्टवेयर कार्यालय में सोमवार दोपहर भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई और कई लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से लटकते तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। बताया गया कि आग तीसरी मंजिल पर स्थित गेमिंग जोन और सॉफ्टवेयर ऑफिस में लगी, जहां उस समय 30 से अधिक लोग मौजूद थे। आग तेजी से फैलने के कारण कई लोग अंदर फंस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अधिकांश मृतकों की मौत दम घुटने से हुई।

घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जांच के आदेश दिए और केजीएमयू पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी हादसे पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य के लिए फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां, तीन एंबुलेंस तथा सिविल अस्पताल की चार सदस्यीय मेडिकल टीम को तैनात किया गया। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बेड भी खाली कराए गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही भवन में भगदड़ मच गई। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर कुछ छात्र और कर्मचारी बिजली के तारों का सहारा लेकर नीचे कूदे, जिससे कई लोग घायल हो गए। आग पर काबू पाने में काफी समय लगा और करीब चार घंटे बाद भी इमारत से धुआं निकलता रहा। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी भवन की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह देखा जा रहा है कि इमारत में व्यावसायिक गतिविधियों की वैध अनुमति थी या नहीं तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन ने कहा है कि हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।