लखनऊ अग्निकांड : घायलों से मिले सीएम योगी, पीड़ित परिवारों को न्याय और सहायता का भरोसा
- Post By Admin on Jun 22 2026
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के पुरनिया क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर एवं गेमिंग जोन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तत्काल घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से हादसे की विस्तृत जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और मृतक छात्रों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है तथा हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस दुखद घटना से हुई क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, विधायक नीरज बोरा, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा अमित कुमार घोष, डीजी फायर सर्विस सुजीत पांडेय, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत तथा जिलाधिकारी विशाख जी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए तथा घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फायर सेफ्टी मानकों, भवन की संरचना और सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। शासन स्तर पर भी पूरे मामले की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है और राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।