शहर के घाटों पर तैयारी, गांवों में बदहाली; भाकपा ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

  • Post By Admin on Nov 04 2026
शहर के घाटों पर तैयारी, गांवों में बदहाली; भाकपा ने प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

लखीसराय : छठ महापर्व को लेकर जहां शहरी क्षेत्रों में घाटों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हैं, वहीं ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों के छठ घाटों की स्थिति पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि जिला प्रशासन का ध्यान मुख्य रूप से शहरी घाटों तक सीमित है, जबकि गांवों में नदी, पोखर और तालाबों के किनारे स्थित घाटों पर छठव्रतियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।

भाकपा के लखीसराय जिला इकाई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सुदूरवर्ती क्षेत्रों के कई तालाब और पोखर अतिक्रमण की चपेट में हैं। हलूहर नदी के किनारे बाढ़ और कटाव के कारण काफी कीचड़ जमा है। नदी किनारे खतरनाक गड्ढे भी बने हुए हैं, जिससे छठव्रतियों के लिए अर्घ्य अर्पित करना जोखिम भरा हो सकता है। पार्टी का दावा है कि कई स्थानों पर सुरक्षित घाटों की व्यवस्था नहीं है। पहले बनाए गए कुछ घाट भी कथित तौर पर घटिया निर्माण के कारण नदी की धारा में बह चुके हैं।

बयान में कहा गया है कि स्थानीय युवा और समाजसेवी अपने स्तर से नदी, नालों और रास्तों की सफाई में जुटे हैं। लेकिन आवश्यक संसाधनों के अभाव में वे घाटों को पूरी तरह सुरक्षित और अर्घ्य देने योग्य बनाने में सक्षम नहीं हैं। भाकपा का कहना है कि प्रशासन की ओर से बालू, बोरी, बांस और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाती तो स्थानीय लोगों के सहयोग से अस्थायी घाटों का निर्माण और सफाई बेहतर तरीके से हो सकती थी। पार्टी ने पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि पंचायत स्तर पर सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है और सफाईकर्मियों के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग की जांच होनी चाहिए। भाकपा ने स्थानीय विधायक सह राज्य सरकार के मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

भाकपा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के नदी, पोखर और तालाबों पर स्थित छठ घाटों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। घाटों से कीचड़ हटाने, खतरनाक गड्ढों को भरने, बैरिकेडिंग करने और सुरक्षित अस्थायी घाट तैयार करने का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं और समाजसेवियों को सफाई एवं घाट निर्माण के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण किसी छठ घाट पर दुर्घटना होती है तो इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। बयान जारी करने वाले भाकपा नेता रजनीश कुमार ने कहा कि आस्था के इस महापर्व पर शहर और गांव के बीच सुविधाओं का अंतर स्वीकार नहीं किया जाएगा।