लखीसराय में आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन दावों की समीक्षा, पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि का निर्देश
- Post By Admin on Nov 03 2026
लखीसराय : जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से लखीसराय प्रखंड की 80 चिन्हित आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों और उनके पांच प्रमुख प्राथमिक रजिस्टरों की समीक्षा की गई। ये सभी आशा कार्यकर्ता प्रति माह 7,000 रुपए से कम प्रोत्साहन राशि का दावा कर रही हैं। समीक्षा बैठक सदर अस्पताल के सभागार में आयोजित की गई, जिसमें कार्यों की प्रगति और स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की स्थिति का जायजा लिया गया।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक की प्राथमिकताओं और निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस बैठक में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधांशु नारायण लाल और जिला सामुदायिक उत्प्रेरक आशुतोष सिंह ने संयुक्त रूप से आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की समीक्षा की। अधिकारियों ने कार्यों में सुधार लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी जरूरी प्रविष्टियां पूरी करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान अश्विन पोर्टल पर प्रोत्साहन राशि के दावों की स्थिति पर विशेष जोर दिया गया। सभी आशा कार्यकर्ताओं को पोर्टल पर शत-प्रतिशत दावा दर्ज करने तथा प्रत्येक महीने की पांच तारीख से पहले दावा जमा करने को कहा गया। इसके अलावा 17 तारीख तक अंतिम ओटीपी दर्ज करने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रोत्साहन राशि से संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
बैठक में एम-आशा ऐप पर सर्वे से जुड़ी प्रविष्टियों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। अधिकारियों के अनुसार, अब तक केवल 21 प्रतिशत सर्वे की ही ऐप पर प्रविष्टि की गई थी। इस पर असंतोष जताते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। सभी चिन्हित आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों को चार नवंबर तक अपने अंतिम रजिस्टर हर हाल में अद्यतन करने की समय-सीमा दी गई। समीक्षा में पांच प्रमुख प्राथमिक रजिस्टरों पर विशेष ध्यान दिया गया। इनमें सर्वे रजिस्टर, योग्य दंपत्ति रजिस्टर, ड्यू लिस्ट, चाइल्ड रजिस्टर और एएनसी रजिस्टर शामिल हैं। इनके अलावा एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम, टीबी, सीएनए प्रारूप और एचबीएनसी सर्वे रजिस्टर की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट रखने और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सुधार लाने पर जोर दिया।
बैठक में सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, आंकड़ों की प्रविष्टि और अश्विन पोर्टल पर समय से दावा जमा करने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित आशा फैसिलिटेटरों और प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरकों (बीसीएम) को भी निर्देश दिया गया कि वे आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों की निगरानी करें और निर्धारित समय-सीमा में सभी प्रक्रियाएं पूरी कराएं।