आपदा प्रबंधन को लेकर लखीसराय प्रशासन अलर्ट, प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा बैठक
- Post By Admin on Jun 02 2026
लखीसराय : संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 की पूर्व तैयारियों को लेकर मंगलवार को समाहरणालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लखीसराय के प्रभारी मंत्री सह बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री श्री सुनील कुमार ने की। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से जिले में बाढ़ से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिपरिया एवं सूर्यगढ़ा जैसे संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। सभी प्रखंडों में वर्षा मापक यंत्र सुचारू रूप से कार्यरत हैं तथा उनकी निगरानी की जिम्मेदारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को सौंपी गई है।
जिला प्रशासन द्वारा संकटग्रस्त व्यक्तियों एवं समूहों की पहचान, तटबंधों की सुरक्षा, नाव, महाजाल, लाइफ जैकेट सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना एवं राहत कार्यों के लिए आपदा मित्रों, कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को सक्रिय किया गया है। खाद्यान्न आपूर्ति के लिए निविदा प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 13 हजार पॉलिथीन शीट्स उपलब्ध हैं तथा पिछले वर्ष की आवश्यकता को देखते हुए 20 हजार अतिरिक्त शीट्स की मांग की गई है। बाढ़ आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोई केंद्रों, मानव एवं पशु चिकित्सा सुविधाओं तथा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां जारी हैं।
जलस्तर की निरंतर निगरानी के साथ-साथ सड़कों की मरम्मत को भी प्राथमिकता दी जा रही है। जिला स्तरीय टास्क फोर्स की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं तथा खोज एवं बचाव कार्यों के लिए समुदाय स्तर पर मॉक ड्रिल भी कराई जा रही है। राहत एवं बचाव दलों का गठन कर मोटरबोट की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वहीं, बाढ़ प्रभावित परिवारों की सूची को आपदा संपदा पोर्टल पर अद्यतन करने का कार्य जारी है। कृषि विभाग द्वारा आकस्मिक फसल योजना के तहत आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री सुनील कुमार ने कहा कि बाढ़ आपदा प्रबंधन के चार प्रमुख घटकों—रिस्क रिडक्शन, रिस्पॉन्स, रिलीफ और रिहैबिलिटेशन—पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद भी पेयजल की समस्या बनी रहती है, इसलिए इस दिशा में विशेष तैयारी की जाए। मंत्री ने एसडीआरएफ टीम के आगमन पर स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे आपदा की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कम्युनिकेशन प्लान को मजबूत बनाने, कंट्रोल रूम की प्रभावी निगरानी और त्वरित सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी आवश्यक सामग्रियों की खरीद प्रक्रिया 5-6 जून तक पूरी करने, न्यूनतम दरों पर खरीद सुनिश्चित करने तथा पॉलिथीन शीट्स का अतिरिक्त भंडारण करने की सलाह दी। साथ ही बाढ़ के दौरान पशुधन की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक का समापन बिहार गीत के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रेरणा कुमार, अपर समाहर्ता श्री नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त श्री सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री प्रभाकर कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री शंभू नाथ, प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधन श्री शशि कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री मुकुल पंकज मणि सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।