अधिवक्ताओं की स्वायत्तता पर संकट : लखीसराय बार ने संशोधन विधेयक 2025 का किया तीखा विरोध

  • Post By Admin on Feb 23 2026
अधिवक्ताओं की स्वायत्तता पर संकट : लखीसराय बार ने संशोधन विधेयक 2025 का किया तीखा विरोध

लखीसराय : प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 के खिलाफ जिले के अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है। जिला विधिज्ञ संघ, लखीसराय के अधिवक्ता रजनीश कुमार ने कहा कि यह विधेयक अधिवक्ताओं के स्वतंत्र पेशे, बार की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा कुठाराघात है।

रजनीश कुमार ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित विधेयक में हड़ताल और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर प्रतिबंध, अधिवक्ताओं पर अनावश्यक प्रशासनिक निगरानी, “एक बार–एक वोट” की व्यवस्था तथा प्रोफेशनल मिसकंडक्ट से जुड़े कठोर प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो अधिवक्ताओं की स्वतंत्र कार्यप्रणाली को प्रभावित करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे न केवल अधिवक्ता समुदाय की स्वायत्तता कमजोर होगी, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की स्वतंत्रता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस मुद्दे पर अधिवक्ता अमरनाथ उर्फ रामाशंकर बाबू, रविविलोचन वर्मा, अरुण वर्मा, अकबर अली, अजय कुमार, अजय कुमार सिंह, सुभाषचंद्र निराला, अशोक कुमार ठाकुर, उमाकांत यादव, मो. हसनात अहमद खां, अनंत कुमार, राखी कुमारी, दिनकर कुमार, शास्त्री जी, सतवीर कुमार यादव सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी एक स्वर में विधेयक का कड़ा विरोध किया।

अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2025 को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समुदाय से जुड़े किसी भी संशोधन को लागू करने से पूर्व बार काउंसिल और अधिवक्ता संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। अन्यथा अधिवक्ता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।