डिजिटल युग में संस्कृत की बढ़ रही उपयोगिता, युवाओं को प्रचार-प्रसार में आगे आने का आह्वान

  • Post By Admin on Jun 25 2026
डिजिटल युग में संस्कृत की बढ़ रही उपयोगिता, युवाओं को प्रचार-प्रसार में आगे आने का आह्वान

मुजफ्फरपुर: बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग की ओर से गुरुवार को शिक्षक प्रकोष्ठ में "संस्कृत पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया" विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दूरदर्शन समाचार (डीडी न्यूज) के संस्कृत प्रवाचक, मुख्य संपादक, संस्कृत लेखक एवं गीतों के संस्कृत अनुवादक डॉ. नारायणदत्त मिश्र ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. श्याम बाबू शर्मा ने की, जबकि संचालन डॉ. मनीष कुमार झा ने किया। अपने व्याख्यान में डॉ. नारायणदत्त मिश्र ने संस्कृत पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, उसके ऐतिहासिक विकास तथा वर्तमान डिजिटल युग में उसकी बढ़ती प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, वेबसाइट, यूट्यूब और अन्य डिजिटल मंचों के माध्यम से संस्कृत भाषा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है। आधुनिक तकनीक ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत में समाचार लेखन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और आधुनिक संचार तकनीकों के प्रभावी उपयोग की जानकारी देते हुए युवाओं से संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रो. निभा शर्मा, प्रो. संगीता अग्रवाल, एम.पी. सिन्हा साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार, आरडीएस कॉलेज की संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. भैरवी, एल.एस. कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. परमेश तिवारी, रामेश्वर महाविद्यालय की संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. मीरा कुमारी सहित विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। व्याख्यान के उपरांत प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने डिजिटल मीडिया और संस्कृत पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं समसामयिक विषय पर आधारित उपयोगी आयोजन बताया।