मुजफ्फरपुर पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ, पर्यटन मंत्री ने कहा- किताबें ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी

  • Post By Admin on Jun 25 2026
मुजफ्फरपुर पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ, पर्यटन मंत्री ने कहा- किताबें ही समाज की सबसे बड़ी पूंजी

मुजफ्फरपुर : शहर के कलमबाग रोड स्थित आदर्श छात्रावास के वातानुकूलित सभागार में गुरुवार को चार दिवसीय मुजफ्फरपुर पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), नई दिल्ली तथा प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले का उद्घाटन आरपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् राकेश कुमार साहू ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक एवं वाणिज्य कॉलेज के संस्थापक केदार प्रसाद, एडीएम कुमार प्रशांत, जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी उपेंद्र त्रिपाठी समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राकेश कुमार साहू ने कहा कि जो लोग किताबों के आगे झुकते हैं, उन्हें जीवन में किसी के आगे झुकने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का युग नई संभावनाओं का युग है और इसे अवसर के रूप में स्वीकार करने की जरूरत है। हालांकि मानवीय संवेदनाएं, विवेक और बौद्धिक क्षमता का कोई विकल्प नहीं हो सकता। पूर्व विधायक एवं वाणिज्य कॉलेज के संस्थापक केदार प्रसाद ने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के तन और मन दोनों को निर्मल बनाती हैं। उन्होंने पुस्तकों को जीवन की सबसे प्रभावी दवा बताते हुए विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान किया।

जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पढ़ने और लिखने की आदत व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने प्रतिदिन डायरी लिखने की सलाह देते हुए कहा कि यही आगे चलकर व्यक्ति की आत्मकथा का आधार बन सकती है। एडीएम कुमार प्रशांत ने कहा कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बावजूद पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है। उन्होंने नई पीढ़ी को मोबाइल स्क्रीन से आगे बढ़कर पुस्तक संस्कृति से जुड़ने की आवश्यकता बताई। सामाजिक कार्यकर्ता हेमनारायण विश्वकर्मा ने भी इस आयोजन की सराहना की।

इस दौरान बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भी पुस्तक मेले पहुंचे। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और अपनी रुचि की कई पुस्तकें खरीदीं। मंत्री ने कहा कि किताबें ज्ञान, संस्कार और विचारों की सबसे बड़ी पूंजी हैं तथा पढ़ने की आदत ही समाज को आगे ले जाती है। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले जैसे आयोजन नई पीढ़ी को ज्ञान और संस्कृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, राजकमल, वाणी, प्रभात, राधाकृष्ण, पेंगुइन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, उपकार और मनोज पब्लिकेशंस सहित 50 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। साहित्य, इतिहास, धर्म, संस्कृति, विज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं, बाल साहित्य और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला पाठकों को आकर्षित कर रही है।

कार्यक्रम में समय इंडिया (ट्रस्ट) के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने सभी अतिथियों का पारंपरिक पुष्पगुच्छ के बजाय पुस्तक भेंट कर सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक केवल उपहार नहीं, बल्कि जीवनभर प्रेरणा देने वाला साथी होती है। आयोजकों ने मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, साहित्यकारों तथा पुस्तक प्रेमियों से 28 जून तक चलने वाले इस पुस्तक महोत्सव में शामिल होकर ज्ञान और साहित्य के इस उत्सव का हिस्सा बनने की अपील की।

*सांकेतिक तस्वीर*