'लेखक कोना' से लेकर 13 किलो की दुर्लभ दुर्गा सप्तशती तक, खास होगा मुजफ्फरपुर पुस्तक मेला

  • Post By Admin on Jun 24 2026
'लेखक कोना' से लेकर 13 किलो की दुर्लभ दुर्गा सप्तशती तक, खास होगा मुजफ्फरपुर पुस्तक मेला

मुजफ्फरपुर : उत्तर बिहार की सांस्कृतिक राजधानी मुजफ्फरपुर 25 से 28 जून तक ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के महापर्व का साक्षी बनेगा। कलमबाग रोड स्थित आदर्श छात्रावास (जियो रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने) में आयोजित चार दिवसीय मुजफ्फरपुर पुस्तक मेला पुस्तक प्रेमियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और साहित्यकारों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा।

समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), नई दिल्ली एवं प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मेले में देश के प्रतिष्ठित प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसकी जानकारी समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने प्रेस वार्ता में दी।

31 हजार रुपए की दुर्गा सप्तशती बनेगी विशेष आकर्षण

मेले में 31 हजार रुपए मूल्य की विशेष दुर्गा सप्तशती प्रमुख आकर्षण होगी। करीब 13 किलोग्राम वजनी यह दुर्लभ ग्रंथ हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में प्रकाशित है। इसके अलावा 5 रुपए की हनुमान चालीसा से लेकर दुर्लभ धार्मिक ग्रंथ, चर्चित उपन्यास, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें और समकालीन साहित्य की विस्तृत श्रृंखला भी उपलब्ध रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा की काव्य प्रस्तुति

मेले के दौरान आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में जमशेदपुर की अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा अपनी कविताओं का पाठ करेंगी। उनके साथ विभिन्न राज्यों से आने वाले कवि एवं स्थानीय साहित्यकार कविता, गीत, गजल, मुक्तक और शेर-ओ-शायरी की प्रस्तुतियां देंगे, जिससे साहित्य प्रेमियों को एक यादगार अनुभव मिलेगा।

देश के नामचीन प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें

पुस्तक मेले में समय प्रकाशन, यश प्रकाशन, दीपा प्रकाशन, अनु प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, प्रभात प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, गोवो बुक्स, उपकार प्रकाशन और मनोज पब्लिकेशंस सहित देश के प्रमुख प्रकाशकों की पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साहित्य, इतिहास, धर्म, संस्कृति, विज्ञान, जीवनी, बाल साहित्य, व्यक्तित्व विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों का विशाल संग्रह पाठकों के लिए रहेगा।

स्थानीय साहित्यकारों के लिए बनेगा "लेखक कोना"

इस बार मेले में स्थानीय कवियों और लेखकों के लिए विशेष "लेखक कोना" बनाया जाएगा, जहां वे अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन और नि:शुल्क बिक्री कर सकेंगे। आयोजन समिति ने सभी स्थानीय लेखकों से अपनी पांच-पांच पुस्तकें उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

बच्चों और युवाओं के लिए रचनात्मक गतिविधियां

पुस्तक मेले में चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन, नृत्य सहित कई रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विजेताओं को प्रमाण-पत्र, पुस्तकें और आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठियां और पुस्तक विमोचन समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।

सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा प्रवेश

आयोजन समिति के अनुसार आम पाठकों के लिए मेले में प्रवेश का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। समिति ने मुजफ्फरपुर एवं आसपास के पुस्तक प्रेमियों से अपील की है कि वे किताबों और साहित्य के इस महोत्सव में शामिल होकर अपनी पसंद की पुस्तकें खरीदें और साहित्यिक गतिविधियों का आनंद लें। प्रेस वार्ता में मेला आयोजन समिति के नीलेश कुमार एवं समय प्रकाशन समूह के विक्रय प्रतिनिधि बीरेंद्र यादव भी उपस्थित रहे।