लखीसराय में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार व मुशायरा आयोजित, शायरों की प्रस्तुति ने बांधा समां

  • Post By Admin on Mar 24 2026
लखीसराय में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार व मुशायरा आयोजित, शायरों की प्रस्तुति ने बांधा समां

लखीसराय : टाउन हॉल स्थित केआरके मैदान में मंगलवार को “फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला व मुशायरा” का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के उर्दू निदेशालय, पटना के तत्वावधान में जिला प्रशासन लखीसराय के सहयोग तथा जिला उर्दू भाषा कोषांग की निगरानी में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी के कर-कमलों से लखीसराय उर्दू नामा पत्रिका का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य पदाधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार तथा उर्दू भाषा से जुड़े विद्वान उपस्थित रहे।

इस अवसर पर विश्व यक्ष्मा दिवस के मौके पर लखीसराय जिले के सात पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने की उपलब्धि पर संबंधित पंचायतों के मुखिया को जिला पदाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद शकील ने प्रभावशाली ढंग से किया, जबकि स्वागत भाषण जिला उर्दू भाषा कोषांग की प्रभारी पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने दिया। उन्होंने उर्दू भाषा के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।

सेमिनार और कार्यशाला सत्र के दौरान उर्दू भाषा के विकास, संरक्षण और प्रचार-प्रसार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी सहित अन्य वक्ताओं ने उर्दू की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भाषा भारत की गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक है और इसके विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मुशायरा रहा, जिसमें भागलपुर, मुंगेर और लखीसराय से आए शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शायर इकराम हुसैन साद, सैयद इसराफील, कमरान अलवी और डॉ. नूतन कुमारी सहित अन्य कवियों ने बेहतरीन शायरी प्रस्तुत की, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।

इसके अलावा डेलिगेट्स द्वारा आलेख पाठ का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर विद्वानों ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रियंका कुमारी ने किया। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बताते हुए इसकी सराहना की।