महिलाओं, किशोरों और बच्चों की सुरक्षा पर विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण, बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर
- Post By Admin on Jul 21 2026
मुजफ्फरपुर: प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन और अमर त्रिशला सेवा आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित एक होटल सभागार में महिलाओं, किशोरों एवं बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं ज्ञान-साझाकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के 13 जिलों से बाल संरक्षण इकाइयों, स्वयंसेवी संगठनों, वन स्टॉप सेंटर, बालगृहों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों और किशोरों में अवसाद, मानसिक आघात (ट्रॉमा) तथा उससे जुड़े मनोसामाजिक प्रभावों की समझ विकसित करना और बाल संरक्षण तंत्र को अधिक प्रभावी, संवेदनशील एवं सशक्त बनाना था। प्रशिक्षण विशेष रूप से फ्रंटलाइन वर्कर्स, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, परामर्शदाताओं, बाल संरक्षण अधिकारियों तथा विकास क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के लिए तैयार किया गया था। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बच्चों और किशोरों पर मानसिक आघात के प्रभाव, बाल-अनुकूल एवं सहानुभूतिपूर्ण देखभाल प्रणाली, मनोसामाजिक सहयोग तथा संकट की स्थिति में प्रभावी हस्तक्षेप के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों, नीति-निर्माताओं और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय एवं अनुभव साझा करने पर भी बल दिया गया।
प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन की संस्थापिका सोनम कपूर ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को अवसाद और मानसिक आघात जैसी परिस्थितियों से बचाना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा ऐसी स्थिति से गुजर रहा हो तो उसकी समय पर पहचान, उचित देखभाल और माता-पिता की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विभिन्न संस्थाओं के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में अमर त्रिशला सेवा आश्रम के सचिव रणजीत कुमार, प्रोत्साहन इंडिया फाउंडेशन, नई दिल्ली की अवंतिका जैन, सरला श्रीवास सामाजिक-सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार, परफेक्ट सॉल्यूशन सोसाइटी के सचिव अनिल कुमार ठाकुर, सोनू सरकार, संतावणा भारती, ज्योतिका भारद्वाज, माधुरी कुमारी, दीनबंधु महाजन तथा सुधीर कुमार सहित कई विशेषज्ञ एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के क्षमता विकास कार्यक्रम बिहार में बच्चों और किशोरों के संरक्षण, देखभाल एवं सशक्तिकरण के लिए संवेदनशील और उत्तरदायी कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सकारात्मक योगदान देंगे।