मोहद्दीपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय में अनियमितता और अतिक्रमण की जांच की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा आवेदन

  • Post By Admin on Jun 22 2026
मोहद्दीपुर उत्क्रमित उच्च विद्यालय में अनियमितता और अतिक्रमण की जांच की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा आवेदन

मुजफ्फरपुर: प्रखंड की पकड़ी पंचायत के वार्ड संख्या-04 स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय, मोहद्दीपुर में नव-निर्मित भवन निर्माण कार्य, विद्यालय की भूमि पर कथित अतिक्रमण, जलजमाव एवं राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर ग्रामीण यशवंत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को आवेदन भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य में निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने की मांग की है। याचिकाकर्ता का दावा है कि विद्यालय जिस भूमि पर संचालित हो रहा है, वह उनके पूर्वजों द्वारा शिक्षा के उद्देश्य से दान की गई थी। आवेदन के अनुसार, कुछ स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों एवं उनके सहयोगियों द्वारा विद्यालय की भूमि तथा विद्यालय तक जाने वाली सार्वजनिक सड़क पर कथित अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि विद्यालय के मुख्य प्रवेश मार्ग पर बाधा उत्पन्न हो गई है तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क पर स्थायी जलजमाव बना रहता है। साथ ही विद्यालय परिसर में राजनीतिक गतिविधियों एवं असामाजिक तत्वों के हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया गया है। यशवंत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विद्यालय भवन निर्माण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, विद्यालय परिसर एवं सार्वजनिक मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाए, जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

आवेदन के साथ फोटो एवं वीडियो साक्ष्य भी संलग्न किए जाने का दावा किया गया है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में विद्यालय प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।