रामदयालु कॉलेज में सांस्कृतिक महोत्सव की धूम: कला हमें संवेदनशील बनाती है – सुष्मिता झा
- Post By Admin on Apr 17 2026
मुजफ्फरपुर: जिले के रामदयालु सिंह महाविद्यालय में दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव की शुरुआत रंगारंग माहौल में हुई, जहां कला और अभिव्यक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कृष्ण सभा भवन में आयोजित उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सुष्मिता झा ने कहा कि कला मनुष्य को संवेदनशील बनाती है और उसके भीतर करुणा, सहानुभूति व भावनात्मक गहराई का विकास करती है।
उन्होंने कहा कि चित्रकला, कविता, नृत्य और संगीत जैसे माध्यमों के जरिए इंसान अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से व्यक्त कर पाता है। कला जीवन को समृद्ध बनाती है और छात्रों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने महाविद्यालय की “विरासत” टीम द्वारा आयोजित इस महोत्सव को अनूठा बताते हुए सराहना की। प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कला छात्रों के भीतर रचनात्मकता, आत्मविश्वास और संचार कौशल को विकसित करती है। साथ ही यह सामाजिक और भावनात्मक विकास, टीम भावना और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान को भी मजबूत बनाती है। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट बताया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि शिक्षकों ने भी मंच पर अपनी प्रस्तुति देकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। प्राचार्य सहित डॉ. रजनीकांत पांडे, डॉ. नीरज मिश्रा और डॉ. आरती कुमारी ने गायन प्रस्तुत कर माहौल को और जीवंत बना दिया। महोत्सव के तहत आयोजित सोलो डांस, सोलो गायन, रंगोली और आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिताओं में आलिया गजल, विद्या सिंह, सूरज पासवान, नसरीन, प्रवीण, अहमदी जेया, शिवानी, रश्मि भारती, अनामिका और सुप्रिया ने शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान आकर्षित किया।
प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. नीलिमा झा, डॉ. कृतिका वर्मा, डॉ. श्रुति मिश्रा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. रजनीकांत पांडे, डॉ. आयशा जमाल, डॉ. अनुराधा पाठक, डॉ. संध्या, सुश्री डेजी और दिव्या सहित अन्य निर्णायकों ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सांस्कृतिक महोत्सव ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि परिसर में उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा का माहौल भी बना दिया।