दर्शन, मनोविज्ञान और तकनीक का संगम: दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में होंगे गहन विमर्श

  • Post By Admin on Apr 17 2026
दर्शन, मनोविज्ञान और तकनीक का संगम: दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में होंगे गहन विमर्श

मुजफ्फरपुर : जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा पर गहन विमर्श की तैयारी पूरी हो चुकी है। विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में 18 और 19 अप्रैल को “भारतीय ज्ञान परंपरा के बहुविषयक चरित्र” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के विद्वान अपने विचार साझा करेंगे।

कार्यक्रम संयोजक एवं विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. रजनीश कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग, दर्शनशास्त्र विभाग तथा विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रही है। दो दिनों तक चलने वाले इस अकादमिक आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा होगी। संगोष्ठी के प्रमुख विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा के दार्शनिक आधार, भारत बोध, दर्शन और मनोविज्ञान के बीच संबंध, तकनीकी उन्नति के साथ दार्शनिक मनोविज्ञान का समन्वय, नेतृत्व और प्रबंधन में भारतीय दृष्टिकोण की भूमिका, प्रौद्योगिकी की पारंपरिक धारणाएं तथा शिक्षा शास्त्र से इसका संबंध शामिल हैं।

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित शिक्षाविद और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री के.एन. रघुनंदन, दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रो. राजकिशोर शर्मा, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, मध्यप्रदेश के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. हरि सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. आनंद प्रकाश तथा दर्शन परिषद, बिहार के सचिव प्रो. श्यामल किशोर अपने विचार रखेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय करेंगे। आयोजन को लेकर शैक्षणिक जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भ में समझने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।