बीआरएबीयू में 12 सूत्री मांगों को लेकर भड़का छात्रों का आक्रोश, AIDSO के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन
- Post By Admin on Oct 16 2026
मुजफ्फरपुर : बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) में शैक्षणिक अराजकता, अनियमितताओं और छात्रों के अधिकारों के हनन के खिलाफ शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (AIDSO) के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने 12 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का विशाल जुलूस एल.एस. कॉलेज परिसर से प्रारंभ हुआ, जो विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के खिलाफ गगनभेदी नारे लगाते हुए प्रशासनिक भवन तक पहुंचा।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में रिजल्ट की लगातार गड़बड़ियों, बेतहाशा फीस वृद्धि, प्रशासनिक भ्रष्टाचार और इंटर्नशिप के नाम पर हो रही खुली वसूली के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। छात्रों ने अविलंब लोकतांत्रिक तरीके से छात्र संघ चुनाव कराने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने और छात्राओं एवं एससी/एसटी छात्रों के लिए बिहार सरकार के नियमानुसार पूरी तरह नि:शुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर पर वोटिंग अधिकारों पर हमलों का विरोध करते हुए संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे की भी मांग उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए एआईडीएसओ के बिहार राज्य सचिव पवन कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के लागू होने के बाद उच्च शिक्षा में निजीकरण और व्यापारीकरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) की सेमेस्टर प्रणाली छात्रों पर केवल आर्थिक बोझ डाल रही है। कंपनियों द्वारा जहां इंटर्नशिप में वजीफा दिया जाना चाहिए, वहीं यहां उल्टे विद्यार्थियों से पैसे वसूले जा रहे हैं और बिना किसी वास्तविक कौशल के मात्र कागजी प्रमाण-पत्र थमाए जा रहे हैं।
संगठन के बिहार राज्य अध्यक्ष विजय कुमार ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पटना विश्वविद्यालय और एलएनएमयू जैसे अन्य संस्थानों में छात्राओं और एससी/एसटी विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा मिल रही है, लेकिन बीआरएबीयू प्रशासन तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें वर्षों से इस सरकारी लाभ से वंचित रखे हुए है।
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की लचर व्यवस्था के चलते अंकपत्र व रिजल्ट सुधार के लिए छात्रों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका समय, पैसा और मानसिक संतुलन प्रभावित होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समयबद्ध तरीके से इन 12 सूत्री मांगों पर संज्ञान नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज व व्यापक किया जाएगा।
इस विशाल विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व रूपा कुमारी, दीपमाला कुमारी, तरन्नुम खातून, अभिषेक कुमार, अली अख्तर, गौतम कुमार, प्रकाश कुमार शर्मा, राहुल कुमार, सोनू मौर्य, प्रिंस गौतम, अनिल कुमार, ललित कुमार झा, गणेश कुमार, सनी कुमार, सपना कुमारी और छाया कुमारी समेत अन्य छात्र नेताओं ने किया।