बोचहां में कला उत्सव की धूम, गायन-नृत्य और नाटक में विद्यार्थियों ने मारी बाजी
- Post By Admin on Oct 14 2026
मुजफ्फरपुर : मध्य विद्यालय बोचहां के परिसर में बुधवार को कला उत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न उच्च विद्यालयों से संकुल स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने गायन, नृत्य, नाटक, मूर्तिकला और चित्रकला जैसी विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रणव कुमार तथा प्राथमिक शिक्षक संघ, बोचहां के अध्यक्ष सह जिला प्राथमिक शिक्षक संघ, मुजफ्फरपुर के उप प्रधान सचिव शशि सिद्धेश्वर कुमार उर्फ गुलाब यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार ने किया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अलग-अलग कलाओं में अपनी प्रतिभा दिखाई। एकल गायन में उच्च विद्यालय, शिवराहां मझौलिया की कोमल कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूह गायन में उच्च विद्यालय, सहिला हथौड़ी की छात्राओं ने पहला स्थान हासिल किया। नृत्य प्रतियोगिता के एकल वर्ग में शिवराहां मझौलिया की छात्रा विजेता बनीं, जबकि समूह नृत्य में सहिला हथौड़ी की छात्राओं ने बाजी मारी। नाटक प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। एकल नाटक में उच्च विद्यालय, सहिला हथौड़ी की छात्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूह नाटक में उच्च विद्यालय, शिवराहां मझौलिया की छात्राओं ने पहला स्थान हासिल किया। मूर्तिकला में मध्य विद्यालय के छात्र शिवम कुमार ने अपनी कला का परिचय दिया, जबकि चित्रकला में उच्च विद्यालय, सर्फुद्दीनपुर के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियां सराहनीय रहीं। कार्यक्रम के दौरान संगीत की प्रस्तुतियों ने भी माहौल को खुशनुमा बना दिया। संगीत शिक्षक संजय पोद्दार, सहिला हथौड़ी की पूजा कुमारी, निशा, सहाय और निवास कुमार ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। संजय पोद्दार की गजल ‘चांदी जैसा रूप है तेरा’ को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
समापन सत्र में शशि सिद्धेश्वर कुमार उर्फ गुलाब यादव ने कला, साहित्य और संगीत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये विधाएं व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध करने के साथ संवेदनशीलता, रचनात्मकता और मानवीय मूल्यों को विकसित करती हैं। उनके अनुसार, इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर मिलता है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि गीत-संगीत जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कला उत्सव जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनशीलता और सांस्कृतिक समझ विकसित करने में सहायक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कला और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
आयोजन में प्रधानाध्यापक रामदयाल कुमार, मोहम्मद तारिक अनवर रिजवी, मनु कुमार पंकज, जगदीश साह, दीपक कुमार, बीआरसी कर्मी अरविंद कुमार, अखिलेश कुमार और राजीव कुमार सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, संकुल संचालक, समन्वयक, संगीत शिक्षक, अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कला उत्सव-2026 ने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का मंच दिया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के साथ कला, संगीत और साहित्य को महत्व देने का संदेश भी दिया गया।