बिहार में ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान शुरू, 30 नवंबर तक घर-घर होगी स्वास्थ्य जांच
- Post By Admin on Sep 02 2026
लखीसराय : गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार को लोगों के घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार, 2 सितंबर से ‘जांच एवं उपचार–चिकित्सा आपके द्वार’ विशेष अभियान की शुरुआत की। राज्यभर में चलने वाला यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें समुदाय और घरों तक पहुंचकर विभिन्न गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग करेंगी तथा जरूरत के अनुसार मरीजों को उपचार, दवा और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।राज्यस्तरीय अभियान का शुभारंभ 2 सितंबर को पटना के राजवंशी नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्रीगण, स्वास्थ्य मंत्री सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अभियान के तहत स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करेंगे। स्क्रीनिंग के दौरान किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण अथवा जोखिम कारक मिलने पर उसे आवश्यक चिकित्सकीय सलाह और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। जिन मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होगी, उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जरूरत के अनुसार उच्चतर चिकित्सा संस्थान से जोड़ा जाएगा। जांच और उपचार से संबंधित जानकारी NCD पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, ताकि मरीजों के उपचार और आगे के फॉलोअप की निगरानी की जा सके।
अभियान में मधुमेह और उच्च रक्तचाप के अलावा मुख, स्तन तथा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की स्क्रीनिंग पर भी जोर रहेगा। इसके साथ हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी COPD की भी जांच एवं आवश्यक प्रबंधन किया जाएगा। संबंधित बीमारियों के जोखिम कारकों की पहचान कर लोगों को उन्हें नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य गंभीर जटिलताओं और गैर-संचारी रोगों के कारण होने वाली असमय मृत्यु के मामलों को कम करना है।
जरूरत के अनुसार मरीजों को विभिन्न जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें CBC, ब्लड शुगर, HbA1c, लिपिड प्रोफाइल, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, 24 घंटे का यूरिन फॉर प्रोटीन, ECG तथा T3, T4 और TSH जैसी जांच शामिल हैं। चिन्हित मरीजों को आवश्यक दवाएं और परामर्श दिया जाएगा तथा गंभीर स्थिति में उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर किया जाएगा।
लखीसराय जिले में भी जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत की गई। जिला स्तर पर अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, सिविल सर्जन लखीसराय, 20 सूत्री सदस्य दीपक कुमार तथा जिला गैर-संचारी रोग पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला स्तर के कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने इस आयु वर्ग के सभी नागरिकों से स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्क्रीनिंग सुविधा का लाभ उठाने की अपील की।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गैर-संचारी रोगों की एक बड़ी चुनौती यह है कि कई बीमारियां शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखातीं। ऐसे में नियमित जांच और समय पर स्क्रीनिंग से बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में लगाया जा सकता है, जिससे उपचार शुरू करने और उसे नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से आगे बढ़ाकर सीधे समुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि लोगों को जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचने का इंतजार न करना पड़े और स्वास्थ्य कर्मी स्वयं संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार से जोड़ सकें। अभियान के शुभारंभ के मौके पर मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं भी रक्तचाप, मधुमेह और ECG की जांच कराई। जिला स्तरीय पदाधिकारियों और कर्मियों ने भी विभिन्न स्वास्थ्य जांच कराकर लोगों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक किया।
जिला पदाधिकारी, लखीसराय ने जिले के लोगों से अपील की है कि घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों को सहयोग दें और स्वयं के साथ परिवार के सदस्यों की भी आवश्यक स्वास्थ्य जांच कराएं। ‘समय पर जांच, समय पर उपचार और स्वस्थ जीवन’ के उद्देश्य के साथ शुरू किया गया यह अभियान गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।