बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले, एआई प्रशिक्षण से लेकर नए कॉलेज और डेयरी प्लांट तक कई योजनाओं को मंजूरी
- Post By Admin on May 14 2026
पटना: बिहार सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल तकनीक और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें एआई प्रशिक्षण, नए स्टार्टअप, डेरी प्लांट, डिग्री कॉलेज और पुलिस व्यवस्था मजबूत करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सिंगापुर की संस्था ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN) को बिहार में एआई व्यवस्था मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह संस्था नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लिनक्स फाउंडेशन के साथ मिलकर पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणपत्र कार्यक्रम चलाएगी।इसके तहत अगले पांच वर्षों में राज्य के सात हजार छात्रों और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें विज्ञान एवं तकनीकी विषयों के साथ अन्य विषयों के छात्र भी शामिल होंगे।
सरकार ने बिहार में “आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी” नाम से एआई और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल प्रयोग मंच बनाने का भी फैसला लिया है। इससे 100 से अधिक नए स्टार्टअप शुरू होने की संभावना है और युवाओं को तकनीकी उद्यमिता के अवसर मिलेंगे। वैशाली जिले में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) का कैंपस स्थापित करने के लिए 100 एकड़ जमीन नि:शुल्क देने की मंजूरी दी गई है। इससे बिहार में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को नई गति मिलने की उम्मीद है। वहीं पटना के बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से बड़ा डेरी उत्पादन प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट से प्रतिदिन हजारों लीटर दूध, दही, छाछ और बटर का उत्पादन होगा तथा लगभग 170 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
लखीसराय जिले में पशुपालन विकास योजना के तहत सिमेन स्टेशन स्थापित करने के लिए 79.92 एकड़ जमीन डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग को हस्तांतरित की गई है। इससे पशुपालन और नस्ल सुधार कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रिमंडल ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और मजबूत हो सके। इसके अलावा मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना का विस्तार करते हुए अब इसे “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” नाम दिया गया है। सात निश्चय-3 योजना के तहत पश्चिम चंपारण के पिपरासी और भितहा तथा मुंगेर के टेटिया बम्बर प्रखंड में तीन नए डिग्री कॉलेज खोलने की भी स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक कॉलेज में 44-44 शिक्षक एवं शिक्षकेतर पद सृजित किए जाएंगे।