राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, 77वें गणतंत्र दिवस पर गूंजे देशभक्ति के स्वर

  • Post By Admin on Jan 27 2026
राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, 77वें गणतंत्र दिवस पर गूंजे देशभक्ति के स्वर

मुजफ्फरपुर : भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन पूरे हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर सत्यनारायण गुप्ता (सरस्वती विद्या मंदिर, केशव नगर) ने की। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:30 बजे भारत माता पूजन से हुई, जिसके पश्चात झंडोत्तोलन, राष्ट्रगान और जय घोष के साथ राष्ट्रीय उत्सव की भावना जीवंत हो उठी।

वंदना सभागार में मंचीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जहां प्रदेश सचिव श्री रामलाल सिंह, विभाग निरीक्षक श्री राजेश रंजन, अध्यक्ष प्रोफेसर सत्यनारायण गुप्ता, प्रधानाचार्य श्री विकास कुमार मिश्रा, भाजपा उपाध्यक्ष श्रीमती देवी तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल मंचासीन रहे। डॉ. पाल ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराते हुए उन्हें सम्मानित किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण उद्घोषकों के रूप में बीएड प्रथम वर्ष की छात्रा राबिया (हिंदी) एवं छात्र ओम भारती (अंग्रेजी) ने किया। बीएड और डीएड प्रशिक्षुओं ने एकल गीत, समूह गीत, नृत्य तथा हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, मैथिली, भोजपुरी और उर्दू में भाषण प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

मुख्य अतिथि प्रदेश सचिव श्री रामलाल सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय एकता के संकल्प की याद दिलाता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि के रूप में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका अरुणोदय का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। यह पत्रिका विद्यार्थियों की साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक प्रतिभा का प्रतीक बनी।

अध्यक्ष प्रोफेसर सत्यनारायण गुप्ता ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से राष्ट्र निर्माण ही गणतंत्र दिवस का सच्चा संदेश है। अंत में प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

समारोह ने महाविद्यालय की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की भावना को नई ऊंचाई दी।