विश्व कठपुतली दिवस पर जागरूकता, लोककला संरक्षण को लेकर जुटे कलाकार

  • Post By Admin on Mar 20 2026
विश्व कठपुतली दिवस पर जागरूकता, लोककला संरक्षण को लेकर जुटे कलाकार

मुजफ्फरपुर : विश्व कठपुतली दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को स्थानीय हरखू चौधरी टोला में “कठपुतली संवाद एवं कार्यशाला” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान एवं बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा ‘विकल्प’ की नवोदित इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत कृति कुमारी द्वारा शहीदगान की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने कठपुतली कला के इतिहास, निर्माण की प्रक्रिया और उसके सामाजिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस पारंपरिक कला को जीवित रखने के लिए नए कलाकारों को आगे आना होगा।

‘विकल्प’ की मालीघाट इकाई की सचिव पूजा कुमारी ने कहा कि आधुनिक दौर में कठपुतली कला लुप्त होती जा रही है, जिसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि यह कला मनोरंजन के साथ-साथ समाज की समस्याओं को सरल तरीके से प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम है।

गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सरकार ने बाल विकास में कठपुतली कला की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे प्रभावी शिक्षण माध्यम बताया। वहीं कवि अभय कुमार ‘शब्द’ ने कठपुतली विषय पर अपनी कविता का पाठ किया।

कार्यक्रम के दौरान नवोदित इकाई के अध्यक्ष राजू कुमार ने कहा कि कला व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाती है और समाज में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देती है। बाल कलाकारों द्वारा जनगीतों की प्रस्तुति भी दी गई, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।

कार्यक्रम में विनोद कुमार ‘रजक’, अंश कुमार, दीपक कुमार, आनंद कुमार, निशा कुमारी सहित कई प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सभी कलाकारों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन राजू कुमार ने किया।