पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की पहल, विश्वकर्मा योजना पर कार्यशाला आयोजित

  • Post By Admin on Mar 24 2026
पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की पहल, विश्वकर्मा योजना पर कार्यशाला आयोजित

लखीसराय : सूर्यगढ़ा में मंगलवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को योजना के विभिन्न प्रावधानों, विपणन, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं की जानकारी देना तथा उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत एमएसएमई-डीएफओ पटना के सहायक निदेशक (ग्रेड-1) एस.के. वर्मा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के उद्देश्यों और लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना के तहत कारीगरों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, टूलकिट सहायता, ऋण सुविधा और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कारीगरों को उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक विपणन तकनीकों को अपनाकर कारीगर अपने उत्पादों की मांग और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।

इस अवसर पर आरडीएसडीई बिहार के क्षेत्रीय निदेशक आर.सी. मंडल ने प्रशिक्षण के बाद कारीगरों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के पश्चात कारीगरों को निरंतर मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने के लिए संस्थागत सहयोग जरूरी है, ताकि उनके कौशल का बेहतर उपयोग हो सके।

जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) लखीसराय के महाप्रबंधक रुपेश कुमार झा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को उद्यम स्थापित करने और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सहायता मिल रही है।

लीड बैंक मैनेजर संजीत कुमार ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधा, डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कारीगरों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। पंकज कुमार ने विपणन और बिक्री रणनीति पर चर्चा करते हुए उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार तक पहुंच के उपाय बताए। गौरव कुमार ने व्यवसाय लेखांकन, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल साक्षरता के महत्व को समझाया, जबकि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के सत्यपाल कुनाल ने क्यूआर कोड, बैंक लिंकज और डिजिटल भुगतान प्रणाली के उपयोग के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम का समन्वय एमएसएमई-डीएफओ पटना के यंग प्रोफेशनल हर्ष राज ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को कारीगरों के कौशल विकास, उद्यमिता प्रोत्साहन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए बेहद उपयोगी बताया।