पटना में मंचित हुआ 'आधी रोटी, पूरा चाँद', अमृता-साहिर-इमरोज़ की संवेदनशील प्रेमगाथा ने दर्शकों को किया भावुक

  • Post By Admin on Jun 28 2026
पटना में मंचित हुआ 'आधी रोटी, पूरा चाँद', अमृता-साहिर-इमरोज़ की संवेदनशील प्रेमगाथा ने दर्शकों को किया भावुक

पटना: राजधानी पटना स्थित प्रेमचंद रंगशाला में रविवार की शाम रंग संस्था 'राग पटना' की ओर से नाटक 'आधी रोटी, पूरा चाँद' का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन रंगकर्मी रणधीर कुमार ने किया।

यह नाटक पूर्व-स्वतंत्रता और भारत विभाजन के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें प्रख्यात साहित्यकार अमृता प्रीतम, शायर साहिर लुधियानवी और चित्रकार इमरोज़ के जीवन तथा उनके जटिल मानवीय संबंधों को संवेदनशील ढंग से प्रस्तुत किया गया। मंचन के माध्यम से प्रेम, स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और सृजनशीलता के विभिन्न आयामों को दर्शकों के सामने जीवंत किया गया। नाटक में यह सवाल प्रमुखता से उभरकर सामने आता है कि क्या प्रेम केवल साथ रहने का नाम है, या किसी व्यक्ति को उसकी सम्पूर्णता में स्वीकार करना ही प्रेम की सबसे बड़ी अभिव्यक्ति है। अधूरे मिलन, बिछोह और अनकहे प्रेम के बावजूद इन पात्रों के संबंध जीवन को नई संवेदनाएं और रचनात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं।

'आधी रोटी, पूरा चाँद' यह संदेश देता है कि जीवन की वास्तविक पूर्णता भौतिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि प्रेम, स्वतंत्र विचार और मानवीय गरिमा में निहित है। नाटक यह भी दर्शाता है कि संघर्ष, वियोग और व्यक्तिगत हानियों के बावजूद मनुष्य प्रेम, कला और आत्मविश्वास के बल पर हर चुनौती का सामना कर सकता है। निर्देशक रणधीर कुमार के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने दर्शकों को न केवल भावनात्मक रूप से जोड़ा, बल्कि प्रेम, मानवीय संवेदनाओं और आत्मपहचान पर गंभीरता से सोचने के लिए भी प्रेरित किया। दर्शकों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कलाकारों के अभिनय और निर्देशन की प्रशंसा की।