पुस्तक मेले में साहित्य और संस्कृति का संगम, प्रतियोगिताओं में छाए युवा प्रतिभागी

  • Post By Admin on Jun 26 2026
पुस्तक मेले में साहित्य और संस्कृति का संगम, प्रतियोगिताओं में छाए युवा प्रतिभागी

मुजफ्फरपुर : जिले के कलमबाग रोड स्थित आदर्श छात्रावास के सभागार में आयोजित चार दिवसीय मुजफ्फरपुर पुस्तक मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को बच्चों और युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), नई दिल्ली एवं प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेले में कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं ने पूरे आयोजन को उत्साह और उमंग से भर दिया।

दिनभर पुस्तक स्टॉलों पर पाठकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। वहीं विभिन्न प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय देते हुए दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी। आयोजकों ने कहा कि पुस्तक मेले का उद्देश्य केवल पुस्तकों तक पाठकों की पहुंच बढ़ाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य, कला और संस्कृति से जोड़ने के लिए उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने प्रतिभागियों का स्वागत कर किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन मुस्कान केसरी ने किया। प्रतियोगिताओं में नव्या कुमारी, कृष कुमार, निखिल कुमार, निकिता कुमारी सहित कई प्रतिभागियों ने कविता पाठ, कहानी वाचन, गायन और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मन मोह लिया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। पुस्तक मेले के तीसरे दिन शनिवार, 27 जून को शाम 4:30 बजे भव्य कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियां अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। कविता, गीत, ग़ज़ल और मुक्तकों के माध्यम से साहित्य प्रेमियों को विविध रसों का आनंद मिलेगा।

चार दिवसीय पुस्तक मेले का समापन रविवार, 28 जून को पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा। समापन समारोह की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा होंगी। इस अवसर पर उनका एकल काव्य पाठ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार उनकी प्रस्तुति पुस्तक मेले के साहित्यिक समापन को विशेष बनाएगी। आयोजकों के मुताबिक मेले में प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और पुस्तक प्रेमी पहुंच रहे हैं। देश के प्रमुख प्रकाशकों की पुस्तकों के साथ साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन को ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के जनोत्सव का स्वरूप प्रदान किया है। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

*सांकेतिक तस्वीर*