निशांत पर PK का तंज: नेताओं को अपने बच्चे की चिंता है बस बिहारवासियों को अपने बच्चों को चिंता नहीं है
- Post By Admin on Mar 09 2026
कैमूर: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। कैमूर जिले के भभुआ में सोमवार (9 मार्च) को मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहेंगे, लेकिन उस समय उनकी बात का मजाक उड़ाया गया था।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज ही पहला मंच था जिसने यह कहा था कि या तो एनडीए चुनाव नहीं जीतेगी और अगर एनडीए जीत भी गई तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति सबके सामने है और उनकी बात सही साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि जन सुराज बिना तथ्यों के हवा में बयान नहीं देता। “हम लोग हवा में बात नहीं करते हैं। तीन महीने हो चुके हैं और स्थिति साफ है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय नहीं हैं। उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा भले नहीं दिया हो, लेकिन वास्तविकता सबको दिखाई दे रही है।”
प्रशांत किशोर ने चुनावी परिणामों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार ने लोगों को 10 हजार रुपये देकर वोट नहीं खरीदे होते तो जनता दल यूनाइटेड को 25 से ज्यादा सीटें नहीं मिलतीं। उन्होंने कहा कि वह आज भी अपने इस बयान पर कायम हैं। मुख्यमंत्री की सेहत पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि सिस्टम चाहे जितना भी छिपाने की कोशिश करे, लेकिन सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार की मानसिक और शारीरिक स्थिति अब ऐसी नहीं है कि वह मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल सकें। उनके अनुसार, यह बात खुद नीतीश कुमार भी जानते हैं कि अब वह पहले की तरह सक्रिय रूप से काम नहीं कर सकते।
नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति में आने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को राजनीति में आने का अधिकार है और उन्हें इसकी शुभकामनाएं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार जीवन भर वंशवाद के खिलाफ बोलते रहे, लेकिन आज उनके ही बेटे की राजनीति में एंट्री हो रही है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि देश और राज्य की राजनीति में लगभग हर नेता अपने बेटे के लिए ‘सिंहासन’ सुरक्षित करने की चिंता करता रहा है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि बिहार की जनता के बच्चों के भविष्य को लेकर उतनी चिंता नहीं की गई। बिहार के निवासियों को अपने बच्चों की कोई चिंता नहीं है।