नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत
- Post By Admin on Apr 14 2026
पटना : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। ‘सुशासन बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के साथ ही राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले कुछ घंटों में नए नेतृत्व का ऐलान होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। हालांकि पद छोड़ने के बावजूद बिहार की राजनीति और प्रशासन पर उनका प्रभाव बनाए रहने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की स्थिति मजबूत बनी हुई है। 202 सदस्यीय गठबंधन में जनता दल (यूनाइटेड) के 85 विधायक, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के 19 विधायक, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 5 विधायक तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 5 विधायक शामिल हैं।
नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो उन्होंने वर्ष 1977 में हरनौत से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, हालांकि उस समय उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1980 में भी वे चुनाव हार गए, लेकिन 1985 में उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित की और इसके बाद लगातार आगे बढ़ते गए।
वर्ष 1989 में उन्होंने बाढ़ संसदीय क्षेत्र से पहली बार लोकसभा चुनाव जीता। बाद में 2003 में शरद यादव के साथ मिलकर जनता दल (यूनाइटेड) का गठन किया। केंद्र सरकार में वे 1998-1999 के दौरान रेल मंत्री और 2001 से 2004 तक कृषि मंत्री रहे। वर्ष 2005 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने और लंबे समय तक राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे।
उनके इस्तीफे के साथ ही बिहार में एक राजनीतिक युग के अंत और नए नेतृत्व के उदय की संभावनाएं तेज हो गई हैं।