एमएलसी चुनाव से पहले जदयू ने कसी कमर, नीतीश-संजय झा की बैठक चर्चा में
- Post By Admin on Jun 01 2026
पटना : बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए सोमवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। इसके साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल भी तेज हो गई है। उम्मीदवारों के चयन और सीटों के बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और विभिन्न दलों में लगातार बैठकों का दौर जारी है।
इसी कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मुलाकात की। पटना में हुई यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में विधान परिषद चुनाव, सीटों के बंटवारे और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई। इसके पहले रविवार को भी नीतीश कुमार और संजय झा के बीच मुलाकात हुई थी। वहीं उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी संजय झा के आवास पर पहुंचकर उनसे बातचीत की थी। लगातार हो रही इन बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। साथ ही गठबंधन के घटक दलों द्वारा सीटों की मांग को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार विधान परिषद चुनाव के लिए 1 जून से 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। यदि सीटों के बराबर ही उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो 11 जून को निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जा सकती है। वहीं, यदि 10 से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं तो 18 जून को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता और लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य के चुनाव लड़ने की अटकलों ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी। हालांकि रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने अपने चुनाव लड़ने संबंधी खबरों को अफवाह बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। विधान परिषद चुनाव को लेकर अब सभी प्रमुख दलों की नजर उम्मीदवारों के चयन और सीटों के अंतिम बंटवारे पर टिकी हुई है। आगामी दिनों में राजनीतिक गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।