नए मुख्यमंत्री पर घमासान: मनोज भारती और कुमार सौरव ने लगाए गंभीर आरोप, सियासत गरमाई
- Post By Admin on Apr 18 2026
पटना: जन सुराज पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता ने बिहार की सियासत को फिर से गरमा दिया है। नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर पार्टी के नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार और सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि जिस चेहरे पर चुनाव लड़ा गया और “फिर से नीतीश” का नारा दिया गया, उसी नेतृत्व को कुछ ही महीनों में किनारे कर दिया गया। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आधे से ज्यादा जिलों में सरकारी कर्मियों को समय पर भुगतान नहीं हो रहा है, जिससे कोष की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार जैसे ज्ञान की धरती पर ऐसा मुख्यमंत्री होना, जिसकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं है, अपने आप में चिंता का विषय है। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृहमंत्री रहते हुए राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ती रहीं और प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर होती गई।
नीट छात्रा मामले को लेकर भी मनोज भारती ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि नए मुख्यमंत्री के पदभार संभालते ही आरोपित को जमानत मिल जाना कई सवाल खड़े करता है और इससे सरकार की मंशा पर संदेह होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जनता को केवल निराशा ही हाथ लगेगी। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरव ने सम्राट चौधरी के पुराने मामलों को उठाते हुए कई गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि 1999 में तत्कालीन राज्यपाल के आदेश पर उन्हें मंत्री पद से हटाया गया था और उनके खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दल ने नहीं, बल्कि राजभवन के आदेश से हुई थी।
कुमार सौरव ने आगे कहा कि जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि संबंधित व्यक्ति ने अपनी उम्र, नाम और जन्मतिथि को लेकर गलत जानकारी दी थी और जांच में सहयोग नहीं किया था। उन्होंने अलग-अलग दस्तावेजों में उम्र के अलग-अलग विवरण का हवाला देते हुए इसे गंभीर मामला बताया और कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनविश्वास से जुड़ा प्रश्न है। प्रेस वार्ता में प्रवक्ता पद्मा ओझा, तारीक चंपारणी और रेखा गुप्ता सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे। इस बयानबाजी के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।