माता-शिशु सुरक्षा कार्ड पर एक दिवसीय कार्यशाला, स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण

  • Post By Admin on Jan 12 2026
माता-शिशु सुरक्षा कार्ड पर एक दिवसीय कार्यशाला, स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण

लखीसराय : सिविल सर्जन सह सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय की अध्यक्षता में सोमवार को सदर अस्पताल लखीसराय के सभागार में माता एवं शिशु सुरक्षा कार्ड (एमसीपी कार्ड) को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य एमसीपी कार्ड के महत्व को समझाना तथा इसके पूर्ण एवं सही उपयोग को सुनिश्चित करना रहा।

कार्यशाला के प्रारंभ में सिविल सर्जन लखीसराय ने एमसीपी कार्ड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कार्ड माँ और बच्चे की सेहत की “कुंजी” है। यह सुरक्षित गर्भावस्था, सुरक्षित प्रसव और बच्चे के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं को एमसीपी कार्ड उपलब्ध कराने और इसे पूरी तरह भरने पर विशेष जोर दिया।

इसके पश्चात जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी लखीसराय एवं जिला योजना समन्वयक, जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को एमसीपी कार्ड के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि एमसीपी कार्ड गर्भावस्था से लेकर बच्चे के पांच वर्ष की आयु तक की संपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

एमसीपी कार्ड में गर्भावस्था का पंजीकरण, एएनसी जांच, टीटी इंजेक्शन, आयरन-फोलिक एसिड सेवन, उच्च जोखिम गर्भावस्था का विवरण, सुरक्षित प्रसव की योजना, अस्पताल में प्रसव एवं आपात स्थिति से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ दर्ज रहती हैं। साथ ही बच्चे के टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड, वजन-लंबाई और पोषण स्थिति की निगरानी भी इसी कार्ड के माध्यम से की जाती है, जिससे कुपोषण की समय पर पहचान संभव हो सके।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि एमसीपी कार्ड स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाता है और एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सही सलाह एवं इलाज देने में सहायक होता है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में भी यह कार्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्ड में गर्भवती महिला और बच्चे की देखभाल, पोषण, स्वच्छता, स्तनपान एवं परिवार नियोजन से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ भी उपलब्ध रहती हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रामगढ़ चौक से डॉ० कंचन, पिपरिया से डॉ० संजय कुमार, लखीसराय सदर से डॉ० सुरेश कुणाल सहित सभी प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सभी प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक तथा प्रत्येक प्रखंड से एक-एक एएनएम ने भाग लिया।